रांची के बड़गाई में 2.05 करोड़ रुपये के डॉग हॉस्पिटल का निर्माण शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध किया। मेयर ने बैठक बुलाई।
रांची, भारत 27 अग॰ 2026 ALN: Dog Hospital in Ranchi: रांची नगर निगम वार्ड नंबर पांच के बड़गाई बस्ती में 2.05 करोड़ रुपये की लागत से कुत्तों का अत्याधुनिक अस्पताल और शेल्टर होम बनाने की योजना है. इसके लिए निगम ने 1.90 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है और बुधवार को टेंडर जारी कर दिया गया. इच्छुक संवेदक 21 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं. 24 सितंबर को टेंडर फाइनल होगा. चयनित संवेदक को कार्यादेश मिलने के बाद नौ माह में निर्माण पूरा करना होगा.
अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय लोग विरोध में उतर आये. मंगलवार को निगम और इंफोर्समेंट टीम जमीन की नापी करने पहुंची थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने अमीन को नापी से रोक दिया. विरोध के दौरान पूर्व पार्षद हुस्ना आरा ने कहा कि इस जमीन को पार्क या मैदान के रूप में विकसित करने की मांग तीन वर्ष पहले ही निगम से की गयी थी. इसके बावजूद यहां कुत्तों का अस्पताल और शेल्टर होम बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अस्पताल बनने के बाद पूरे शहर के आवारा कुत्तों का जमावड़ा बड़गाई में होगा, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी होगी. निवासियों ने कहा कि आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की सुविधा बनाना उचित नहीं है.
स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि कुत्तों के अस्पताल और शेल्टर होम के निर्माण से बड़गाई बस्ती में स्वास्थ्य और सफाई की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्हें डर है कि आवारा कुत्तों की संख्या में वृद्धि होने से न केवल शांति भंग होगी, बल्कि यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी खतरा बन सकता है। इसके अलावा, वे यह भी महसूस करते हैं कि इस तरह की सुविधाओं के लिए शांत और कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों का चयन करना अधिक उचित होगा।
स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित अस्पताल और शेल्टर होम को झिरी शिफ्ट करने की मांग की है. उनका कहना है कि झिरी में निगम के पास पर्याप्त खाली जमीन है और वहां आबादी भी कम है. ऐसे में कुत्तों के अस्पताल और शेल्टर होम के लिए झिरी अधिक उपयुक्त स्थान हो सकता है. लोगों ने निगम से बड़गाईं में अस्पताल निर्माण की योजना पर पुनर्विचार करने और प्रस्तावित स्थल को पार्क या खेल मैदान के रूप में विकसित करने की मांग की है.
झिरी में प्रस्तावित स्थान के बारे में स्थानीय निवासियों का मानना है कि वहां की भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या घनत्व कुत्तों के अस्पताल के लिए अधिक अनुकूल है। उनका तर्क है कि इससे न केवल कुत्तों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बन सकेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कुत्तों के अस्पताल निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पूर्व पार्षद हुस्ना आरा द्वारा भी आपत्ति जतायी गयी है. गुरुवार को निगम बोर्ड की बैठक है. इसमें इस मुद्दे पर अफसरों के साथ विस्तार से चर्चा की जायेगी.
मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि निगम की प्राथमिकता हमेशा शहर के निवासियों की भलाई रही है, और उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि निगम इस मुद्दे पर सभी पक्षों की राय को सुनने के बाद ही कोई निर्णय लेगा।
इस प्रकार की योजनाओं का विरोध केवल स्थानीय निवासियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक मुद्दा भी है। कई बार, शहरी विकास योजनाएं स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं और चिंताओं को नजरअंदाज कर देती हैं, जिससे विवाद उत्पन्न होते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि नगर निगम और अन्य संबंधित प्राधिकरण स्थानीय निवासियों के साथ संवाद स्थापित करें और उनके विचारों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को लागू करें।
इस मामले में, यदि स्थानीय निवासियों की चिंताओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल अस्पताल के निर्माण में देरी कर सकता है, बल्कि इससे स्थानीय समुदाय में असंतोष और विरोध की भावना भी बढ़ सकती है। इसके अलावा, यह नगर निगम की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जो कि एक ऐसी संस्था है जिसे नागरिकों की सेवा और उनके कल्याण के लिए जिम्मेदार माना जाता है।
अंततः, यह मामला रांची में शहरी विकास, स्थानीय निवासियों की भागीदारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता को उजागर करता है। नगर निगम को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी योजनाएं न केवल आर्थिक रूप से व्यवहार्य हों, बल्कि स्थानीय समुदाय की आवश्यकताओं और चिंताओं का भी सम्मान करें।
कुल मिलाकर, रांची में कुत्तों के अस्पताल के निर्माण का प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण विषय है, जो स्थानीय निवासियों, नगर निगम और जानवरों के कल्याण के बीच एक जटिल संतुलन की आवश्यकता को दर्शाता है। इस मुद्दे पर आगे की चर्चा और निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि नगर निगम किस प्रकार से स्थानीय समुदाय और उनके हितों का सम्मान करता है।
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