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युवा हॉकी टीम की घोषणा: झारखंड के 6 खिलाड़ी शामिल

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 15, 2026, 11:41 AM IST
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भारतीय सब जूनियर पुरुष और महिला हॉकी टीम का ऐलान, झारखंड से 5 महिला और 1 पुरुष खिलाड़ी का चयन।

हॉकी खिलाड़ी: हॉकी इंडिया ने हाल ही में मस्कट में 20 से 25 जुलाई तक आयोजित होने वाली पहली युवा हॉकी फाइव्स एशियाई चैंपियनशिप के लिए भारतीय सब जूनियर पुरुष और महिला टीमों की घोषणा की। इस चैंपियनशिप में झारखंड की महिला टीम में पांच खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें पुष्पा मांझी, नीलम टोपनो, खिली कुमारी, श्रुति कुमारी और संदीपा कुमारी का नाम शामिल है। पुरुष टीम में झारखंड के आशीष तानी पूर्ति को स्थान दिया गया है। यह चैंपियनशिप विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहली एफआइएच अंडर-18 युवा हॉकी फाइव्स विश्व कप के लिए आधिकारिक एशियाई क्वालीफायर के रूप में कार्य करेगी।

हॉकी फाइव्स एक नया प्रारूप है, जिसमें कम खिलाड़ियों के साथ खेला जाता है और यह खेल की गति और रोमांच को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रारूप युवा खिलाड़ियों को एक नई चुनौती देता है और उनके कौशल को विकसित करने में मदद करता है। हॉकी इंडिया द्वारा आयोजित इस चैंपियनशिप का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करना है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ न केवल खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं, बल्कि वे खेल के विकास और लोकप्रियता में भी योगदान करती हैं।

पुरुष और महिला वर्ग में सात-सात टीमें करेंगी मुकाबला

इस टूर्नामेंट में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में सात-सात टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी। पुरुष वर्ग में मेज़बान ओमान, भारत, पाकिस्तान, ईरान, इराक, सऊदी अरब और बांग्लादेश की टीमें शामिल होंगी। वहीं, महिला वर्ग में भारत, पाकिस्तान, ओमान, चीन, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और ईरान की टीमें खेलेंगी। भारतीय महिला टीम का चयन भोपाल में आयोजित शिविर के बाद किया गया है, जबकि पुरुष टीम का चयन चंडीगढ़ में आयोजित शिविर के बाद हुआ है।

यह प्रतियोगिता न केवल खिलाड़ियों के लिए एक मंच है, बल्कि यह हॉकी के प्रति युवा खिलाड़ियों की रुचि को भी बढ़ाने का एक अवसर है। हॉकी फाइव्स के इस प्रारूप के माध्यम से युवा खिलाड़ी खेल के विभिन्न पहलुओं को सीख सकते हैं, जैसे कि टीम वर्क, रणनीति और व्यक्तिगत कौशल। यह नई शैली खिलाड़ियों को तेज़ी से निर्णय लेने और खेल के प्रति उनकी समझ को विकसित करने में मदद करती है।

सब जूनियर महिला टीम

  • गोलकीपर: खिली कुमारी, महक परिहार।
  • डिफेंडर: नीलम टोपनो, किरण एक्का।
  • मिडफील्डर: दीया, पुष्पा मांझी, श्रुति कुमारी।
  • फॉरवर्ड: नौशीन नाज, संदीपा कुमारी, स्वीटी कुजूर (कप्तान)।

सब जूनियर पुरुष टीम

  • गोलकीपर: सावन कुमार, आयुष रजक।
  • डिफेंडर: करण गौतम, आशीष तानी पूर्ति।
  • मिडफील्डर: राहुल यादव, रोमित पाल।
  • फॉरवर्ड: केतन कुशवाहा (कप्तान), प्रह्लाद राजभर, अर्शदीप सिंह, शाहरुख अली।

झारखंड के इन खिलाड़ियों की टीम में उपस्थिति इस बात का संकेत है कि राज्य हॉकी के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। झारखंड ने हाल के वर्षों में कई प्रतिभाशाली हॉकी खिलाड़ियों को तैयार किया है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। राज्य के खिलाड़ियों का चयन इस बात का प्रमाण है कि झारखंड में हॉकी की बुनियाद मजबूत हो रही है और यहां के युवा खिलाड़ी खेल के प्रति गंभीरता से प्रशिक्षण ले रहे हैं।

यह चैंपियनशिप सिर्फ खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि झारखंड और भारत के हॉकी समुदाय के लिए भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय हॉकी भविष्य की पीढ़ियों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलने से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और वे अपने खेल को और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। इस प्रकार की प्रतिस्पर्धाएँ खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करती हैं, जिससे वे भविष्य में होने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार रहते हैं।

इसके अलावा, इस चैंपियनशिप का आयोजन ओमान में हो रहा है, जो हॉकी के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि हॉकी फाइव्स जैसे नए प्रारूपों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है। ओमान की मेज़बानी इस बात का प्रमाण है कि हॉकी का विकास केवल पारंपरिक देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि नए देशों में भी इसे अपनाया जा रहा है।

इस प्रतियोगिता के माध्यम से, हॉकी इंडिया युवा खिलाड़ियों को न केवल खेल के प्रति प्रेरित कर रहा है, बल्कि उन्हें एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव भी दे रहा है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि वे उन्हें उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का अवसर प्रदान करती हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव उनके भविष्य के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अंत में, इस चैंपियनशिप का आयोजन और भारतीय टीम का चयन एक सकारात्मक संकेत है कि भारतीय हॉकी भविष्य में और भी सफल होने की दिशा में अग्रसर है। युवा खिलाड़ियों की इस टीम को देखकर यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपने प्रदर्शन से न केवल अपने राज्य, बल्कि देश का नाम भी रोशन करेंगे। युवा खिलाड़ियों को इस स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत कौशल में वृद्धि होगी, बल्कि यह भारतीय हॉकी के लिए भी एक नई दिशा निर्धारित करेगा।

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