धोनी और CSK के रिश्ते में आई दरार? क्या 18 साल बाद टूटेगा माही का साथ!

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Aug 25, 2026, 09:05 PM IST
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महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच 18 साल का गहरा रिश्ता अब अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। क्या यह ऐतिहासिक साथ अब टूटने की कगार पर है?

MS Dhoni-CSK Relationship In Trouble: महेंद्र सिंह धोनी और चेन्नई सुपर किंग्स का रिश्ता IPL के सबसे चर्चित रिश्तों में से एक रहा है। 2008 में शुरू हुआ यह साथ पांच IPL खिताब तक पहुंचा और धोनी धीरे-धीरे सिर्फ टीम के कप्तान नहीं, बल्कि CSK की पहचान बन गए। धोनी की कप्तानी में CSK ने 2010, 2011, 2018 और 2021 में IPL का खिताब जीता, जो उनके नेतृत्व कौशल और रणनीतिक सोच को दर्शाता है। उनकी क्रिकेटिंग यात्रा और CSK के साथ उनका जुड़ाव भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में माना जाता है।

लेकिन अब एक रिपोर्ट ने इस रिश्ते को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दावा है कि CSK में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर महेंद्र सिंह धोनी और फ्रेंचाइजी के बीच बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद दोनों के रिश्तों में खटास की खबरें सामने आई हैं। इस स्थिति ने फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच चिंता की लहर पैदा कर दी है, क्योंकि धोनी और CSK का संबंध केवल एक खिलाड़ी और टीम के बीच का नहीं है, बल्कि यह एक गहरी भावना और विश्वास का प्रतीक है।

18 साल पुराने रिश्ते में आखिर हुआ क्या?

रिपोर्ट के मुताबिक, अपने खेल करियर के आखिरी दौर में पहुंच चुके धोनी CSK के साथ अपने जुड़ाव को एक नए स्तर पर ले जाना चाहते थे। इसी के तहत उन्होंने फ्रेंचाइजी में हिस्सेदारी खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन दोनों पक्ष हिस्सेदारी के प्रतिशत पर सहमत नहीं हो सके। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि बातचीत के दौरान कोई औपचारिक लिखित प्रस्ताव या समझौता नहीं हुआ और ज्यादातर बातचीत मौखिक रूप से हुई। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि धोनी अपने करियर के अंत में भी CSK के साथ अपने संबंध को मजबूत करना चाहते थे, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

25% से 5.5% पर अटक गई

धोनी और CSK के बीच कथित बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा हिस्सेदारी का आंकड़ा है। क्रिकब्लॉगर की रिपोर्ट के अनुसार, धोनी ने शुरुआत में 25% हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई थी। इसके जवाब में CSK की ओर से कथित तौर पर सिर्फ 3% हिस्सेदारी की पेशकश की गई। इसके बाद धोनी ने अपनी मांग घटाकर 20% की, लेकिन फ्रेंचाइजी की पेशकश केवल 4% तक पहुंची। बातचीत के अगले दौर में धोनी कथित तौर पर 18% हिस्सेदारी पर भी समझौता करने को तैयार हुए, लेकिन CSK की अंतिम पेशकश 5.5% की रही। यह स्थिति दोनों पक्षों के बीच की असहमति को स्पष्ट करती है और यह भी दर्शाती है कि धोनी ने CSK के साथ अपने संबंध को और मजबूत करने के लिए कितनी गंभीरता से प्रयास किया।

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'धोनी मुफ्त में हिस्सेदारी नहीं मांग रहे थे'

रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से यह भी दावा किया गया है कि धोनी हिस्सेदारी मुफ्त में हासिल करना नहीं चाहते थे, बल्कि इसके लिए भुगतान करने को तैयार थे। सूत्र के मुताबिक, “धोनी हिस्सेदारी चाहते थे। वह इसे मुफ्त में नहीं मांग रहे थे, लेकिन CSK प्रबंधन ने इसे अलग तरीके से देखा।” यह जानकारी यह संकेत देती है कि धोनी की मंशा केवल एक खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि एक निवेशक के रूप में भी CSK के साथ जुड़ने की थी। यह स्थिति धोनी के प्रति उनके फैंस और समर्थकों की भावनाओं को और भी मजबूत बनाती है।

क्या CSK के लिए फिर खेलेंगे माही?

स्टेक डील का फेल होना सिर्फ कारोबारी बातचीत के खत्म होने तक सीमित नहीं माना जा रहा। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस घटनाक्रम के बाद धोनी और CSK के रिश्तों में खटास आई है और अब उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। धोनी को CSK ने IPL 2025 की मेगा नीलामी से पहले 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। लेकिन चोट के कारण वह IPL 2026 में टीम के लिए एक भी मैच नहीं खेल सके। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या माही अगले सीजन में फिर पीली जर्सी में नजर आएंगे। यह सवाल न केवल धोनी के फैंस के लिए, बल्कि CSK के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि धोनी की उपस्थिति टीम के प्रदर्शन पर गहरा असर डालती है।

CSK और धोनी का रिश्ता क्यों है इतना खास?

धोनी 2008 से CSK के साथ जुड़े हुए हैं और फ्रेंचाइजी के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। उनकी कप्तानी में CSK ने पांच बार IPL का खिताब जीता। वह टीम के सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों में हैं और CSK के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। इसी वजह से धोनी और CSK का रिश्ता सामान्य खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी के रिश्ते से कहीं आगे माना जाता है। चेन्नई के फैंस के लिए 'माही' सिर्फ टीम के खिलाड़ी नहीं, बल्कि फ्रेंचाइजी की पहचान का हिस्सा हैं। धोनी ने CSK के साथ मिलकर जो सफलता हासिल की है, वह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि एक टीम के रूप में CSK की मजबूती और स्थिरता का भी प्रतीक है।

धोनी के योगदान को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि उनका CSK के साथ रिश्ता केवल एक व्यावसायिक संबंध नहीं है, बल्कि यह एक गहरी भावना और विश्वास का प्रतीक है। धोनी की भूमिका केवल एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि एक नेता की भी रही है, जिसने टीम को मुश्किल समय में संभाला है। उनकी कप्तानी में CSK ने न केवल क्रिकेट में सफलता हासिल की है, बल्कि उन्होंने टीम के खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार किया है। इस प्रकार, धोनी और CSK का रिश्ता भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि कैसे एक खिलाड़ी और एक फ्रेंचाइजी मिलकर सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

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