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  • खेड़ी वाले बाबा ने अफीम छोड़ी, पत्नी पर टिप्पणी पर दी धमकी

पंजाब- खेड़ी वाले बाबा का दावा, अफीम खानी छोड़ी:कहा- अगर मेरी सरदारनी पर गलत कमेंट किया तो उसके घर का कुत्ता भी जिंदा नहीं छोडूंगा

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 10, 2026, 05:00 AM IST
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पंजाब के खेड़ी वाले बाबा गुरविंदर सिंह ने पत्नी पर कमेंट करने वालों को दी धमकी। उन्होंने अफीम छोड़ने का दावा किया और अपनी पत्नी की तारीफ की।

पंजाब के चर्चित धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्व, खेड़ी वाले बाबा, जिनका असली नाम बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी है, हाल ही में अपने विवादास्पद बयानों और व्यक्तिगत जीवन के कारण फिर से सुर्खियों में हैं। उन्होंने अपनी पत्नी पर की गई टिप्पणियों के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि कोई उनकी पत्नी का अपमान करेगा, तो वह उस व्यक्ति के घर के कुत्ते को भी नहीं छोड़ेगा। यह बयान उनके गुस्से और पत्नी के प्रति उनकी गहरी भावनाओं को दर्शाता है।

बाबा ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने अफीम का सेवन छोड़ दिया है, और यह बदलाव उनकी दूसरी पत्नी की वजह से आया है। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ पांच महीने पहले लव मैरिज की थी, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है। बाबा का कहना है कि उनकी पत्नी ने उन्हें न केवल मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रहने में मदद की है।

बाबा के इस नए जीवन की शुरुआत के पीछे एक लंबी कहानी है। उन्होंने अपने पहले विवाह के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उनकी पहली शादी अरेंज मैरिज थी, जिसमें प्रारंभ में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे उनके ससुराल वालों के साथ तनाव बढ़ने लगा। यह तनाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपने ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

बाबा के वायरल वीडियो के बारे में जानिए

  • पत्नी ने मेरे अंडरगारमेंट्स तक धाेए: बाबा ने एक वीडियो में बताया कि जब उन्होंने अफीम खाना छोड़ा था, तब उन्हें लूज मोशन का सामना करना पड़ा था। इस दौरान उनकी पत्नी ने उनकी देखभाल की और उनके कपड़े भी धोए। उन्होंने अपनी पत्नी को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लाने में सफल रही हैं।
  • मैं पत्नी की आंखों में आंसू नहीं देख सकता: बाबा ने अपनी पत्नी के प्रति अपनी गहरी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि वह किसी भी स्थिति में अपनी पत्नी के आंसुओं को नहीं देख सकते। यह बयान उनके प्यार और समर्पण को दर्शाता है।
  • खालसा की बात पर मेरी इगो हर्ट हुई: बाबा ने कहा कि जब खालसा जी ने यह कहा कि उनकी पार्टी में बाबा जी शामिल नहीं होंगे, तो उनकी ईगो को ठेस पहुंची। यह बयान दिखाता है कि बाबा अपने सामाजिक और राजनीतिक स्थान को लेकर कितने संवेदनशील हैं।
  • मेरे घोड़े को देखने 2 लाख लोग जुटते हैं: बाबा ने यह भी कहा कि उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका घोड़ा 'पंजाब श्रृंगार' है, जिसे देखने के लिए दो लाख लोग इकट्ठा होते हैं। यह उनके सामाजिक प्रभाव और लोकप्रियता को दर्शाता है।

बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी से जुड़े विवाद:

  • ससुराल के साथ विवाद के कारण चर्चा में आए: बाबा की पहली शादी के बाद उनके ससुराल वालों के साथ तनाव बढ़ने लगा, जिसके कारण वे चर्चा में आए। यह तनाव कई बार हिंसक झड़पों में भी बदल गया, जिससे बाबा को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा।
  • जानलेवा हमले का आरोप: बाबा ने अपने ससुराल वालों पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया है, जो उनके और उनके परिवार के लिए एक चिंताजनक स्थिति बन गई थी।
  • विवाद के कारण जेल भी जाना पड़ा: बाबा के ससुराल पक्ष ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा। यह घटना उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
  • घोड़ों को जहर देने का लगा चुके आरोप: बाबा ने बताया कि उनके जेल में रहने के दौरान उनके फार्म पर उनके घोड़े मर गए थे, जो उनके लिए एक दुखद अनुभव था। इस घटना ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाला।

बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी, जो संगरूर के रहने वाले हैं, ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपने व्यक्तिगत जीवन के कई पहलुओं को साझा किया है। उन्होंने अपनी पत्नी की सुंदरता, फिटनेस और उनकी सैलरी का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी पत्नी की महीने की आय सवा दो लाख रुपए है। यह जानकारी उनके जीवन में उनकी पत्नी की आर्थिक स्थिति और उनके योगदान को उजागर करती है।

बाबा के बयानों और विवादों ने उन्हें एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है। उनके समर्थक और आलोचक दोनों ही उनके बयानों पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यह स्थिति न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव को भी प्रभावित कर रही है।

पंजाब में बाबा की लोकप्रियता और उनके विवादों का प्रभाव उनकी छवि को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं उत्पन्न कर रहा है। कुछ लोग उन्हें एक प्रेरणादायक नेता मानते हैं, जबकि अन्य उनके बयानों और कार्यों को विवादास्पद मानते हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे चलकर बाबा अपने विवादों को कैसे संभालते हैं और उनकी पत्नी के प्रति उनकी भावनाएं उनके जीवन को कैसे प्रभावित करती हैं।

बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी का यह नया अध्याय न केवल उनके लिए, बल्कि उनके समर्थकों और समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। उनकी कहानी से यह संदेश मिलता है कि व्यक्तिगत जीवन में बदलाव लाना संभव है, भले ही परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों।

इस संदर्भ में, पंजाब में धार्मिक और सामाजिक व्यक्तित्वों का प्रभाव और उनकी छवि पर चर्चा करना आवश्यक है। पंजाब का समाज धार्मिकता और सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील है, और ऐसे व्यक्तित्व अक्सर समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं। बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी की स्थिति भी इस बात का एक उदाहरण है कि कैसे एक व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन के उतार-चढ़ाव उसके सामाजिक प्रभाव को प्रभावित कर सकते हैं।

पंजाब में धार्मिक नेताओं की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है। ये नेता अक्सर अपने अनुयायियों के लिए मार्गदर्शक होते हैं और उनके विचारों और कार्यों का व्यापक प्रभाव होता है। बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी का मामला इस बात का प्रमाण है कि कैसे एक व्यक्ति की व्यक्तिगत समस्या, जैसे कि विवाह, परिवार और मानसिक स्वास्थ्य, उनके सार्वजनिक जीवन को भी प्रभावित कर सकती है।

बाबा की कहानी में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि उन्होंने अपने विवादों से उबरने का प्रयास किया है। उनका अफीम छोड़ने का दावा और पत्नी के प्रति उनकी गहरी भावनाएं यह दर्शाते हैं कि वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह न केवल उनके लिए बल्कि उनके अनुयायियों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है।

बाबा के बयान और उनके व्यक्तिगत जीवन की घटनाएं यह दिखाती हैं कि समाज में व्यक्तिगत जीवन के मुद्दे अक्सर सार्वजनिक जीवन से जुड़े होते हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी अपने विवादों को कैसे संभालते हैं और उनकी पत्नी के प्रति उनकी भावनाएं उनके जीवन और करियर को कैसे आकार देती हैं।

इस प्रकार, बाबा की कहानी न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का एक हिस्सा है, बल्कि यह पंजाब के समाज में धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर भी एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकती है। उनकी स्थिति से यह स्पष्ट होता है कि व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना संभव है और यह बदलाव समाज में भी एक सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

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