भड़ली नवमी 2026 की सही तारीख और इस दिन विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त का महत्व जानें।
पटना, भारत 21 जुल॰ 2026 ALN: भड़ली नवमी 2026 का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व विशेष रूप से विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस वर्ष भड़ली नवमी 22 या 23 जुलाई को मनाई जाएगी। इस दिन का महत्व इस बात में निहित है कि यह एक ऐसा अवसर है जब लोग अपने जीवन में नए रिश्तों की शुरुआत कर सकते हैं और मांगलिक कार्यों को संपन्न कर सकते हैं।
भड़ली नवमी का पर्व हर साल श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। यह पर्व खासतौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो विवाह के बंधन में बंधना चाहते हैं। इस दिन को लेकर मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य फलदायी होते हैं। यह पर्व न केवल व्यक्तिगत जीवन में सुख और समृद्धि का संचार करता है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है।
इस दिन विवाह के लिए आखिरी अबूझ मुहूर्त भी है, जो कि इस पर्व की खासियत है। भड़ली नवमी के दिन गुरु अस्त होने के बावजूद भी इस दिन विवाह का आयोजन किया जा सकता है। यह बात इस दिन को विशेष बनाती है, क्योंकि आमतौर पर विवाह के लिए मुहूर्त निकालते समय गुरु की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है। इस प्रकार, भड़ली नवमी का पर्व उन जोड़ों के लिए एक अनुकूल समय प्रदान करता है जो विवाह के बंधन में बंधना चाहते हैं।
भड़ली नवमी का पर्व विशेष रूप से मांगलिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन को लेकर मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य फलदायी होते हैं। हिंदू धर्म में मांगलिक कार्यों का विशेष महत्व है, जिसमें विवाह, गृह प्रवेश, और अन्य शुभ कार्य शामिल हैं। इस दिन विशेष रूप से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन इस दिन उपवास रखते हैं और विशेष पूजा विधियों का पालन करते हैं। इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है, जिससे घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहे।
भड़ली नवमी पर विवाह के लिए कई लोग मुहूर्त निकालते हैं। भड़ली नवमी पर विवाह करने से दांपत्य जीवन में सुख और समृद्धि आती है। इस दिन को लेकर मान्यता है कि इस दिन विवाह करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भड़ली नवमी पर विवाह करने से दांपत्य जीवन में प्रेम और सहयोग की भावना बढ़ती है। यह दिन विवाह के लिए एक आदर्श समय माना जाता है, क्योंकि इस दिन किए गए कार्यों का फल सकारात्मक होता है।
भड़ली नवमी पर विवाह करने के लिए कई परिवार विशेष तैयारी करते हैं। इस दिन को लेकर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें परिवार के सभी सदस्य शामिल होते हैं। इसके अलावा, इस दिन कुछ विशेष पकवान भी बनाए जाते हैं, जो इस पर्व की खुशी को और बढ़ाते हैं। लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं और एक-दूसरे के साथ मिलकर इस पर्व का आनंद लेते हैं।
भड़ली नवमी के पर्व का हिंदू धर्म में अन्य पर्वों के साथ भी संबंध है। जैसे कि, यह पर्व आमतौर पर सावन के महीने में आता है, जब अन्य कई धार्मिक पर्व भी मनाए जाते हैं। सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष रूप से जाना जाता है, और इस दौरान भक्तजन शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करते हैं। भड़ली नवमी के दिन भी भक्तजन भगवान शिव की पूजा करते हैं, जिससे उन्हें विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन को लेकर मान्यता है कि भगवान शिव की कृपा से विवाह के बंधन में बंधने वाले जोड़ों के जीवन में सुख और समृद्धि का वास होता है।
भड़ली नवमी का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह पर्व परिवारों के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक अवसर प्रदान करता है। लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और एकजुट होकर पर्व का आनंद लेते हैं।
भड़ली नवमी का पर्व केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है। इस दिन लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं और एकजुट होकर पर्व का आनंद लेते हैं। परिवार और समाज में इस दिन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह एक ऐसा अवसर है जब लोग एकजुट होकर खुशी मनाते हैं।
इस दिन विवाह समारोह में शामिल होने वाले लोग भी विशेष उत्साह के साथ आते हैं। यह अवसर नए रिश्तों की शुरुआत का प्रतीक है और समाज में नए रिश्तों को मजबूत करने का एक माध्यम है। विवाह समारोह में लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर नृत्य-गान करते हैं, और यह सामाजिक बंधनों को और भी मजबूत बनाता है।
इस प्रकार, भड़ली नवमी 2026 का पर्व विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन का सही उपयोग कर लोग अपने जीवन में खुशियों का स्वागत कर सकते हैं। भड़ली नवमी पर विवाह करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि और प्रेम की भावना बढ़ती है।
इस पर्व की विशेषता यह है कि यह केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। इसलिए, भड़ली नवमी का पर्व हर किसी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करता है। इस दिन लोग एकजुट होकर अपने रिश्तों को मजबूत करने का प्रयास करते हैं, और इस प्रकार भड़ली नवमी का पर्व समाज में एकता और प्रेम का संदेश फैलाने का कार्य करता है।
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