राहुल गांधी का गांधी स्मृति की ओर मार्च, विपक्ष के कई नेता शामिल

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 23, 2026, 07:11 PM IST
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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों के साथ गांधी स्मृति की ओर मार्च किया, जहां उन्होंने छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा की।

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि वे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ इंडिया गेट पर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया है.

राहुल गांधी ने कहा कि 'हमारे स्टूडेंट्स सड़क पर हैं, तो सारे विपक्ष के सांसदों को लगा कि हमें भी सड़क पर होना चाहिए. इसलिए हम चाहते थे कि सभी सांसद इंडिया गेट जाएं.'

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "उन्होंने मना कर दिया और हमें रोक दिया. फिर हमने कहा कि हम तीस जनवरी मार्ग जाना चाहते हैं तो इन लोगों ने ये बस लगा दी है और ड्राइवर बस छोड़कर बाहर निकल गया है. इसलिए हम आगे नहीं जा पा रहे."

राहुल गांधी ने कहा कि वो स्टूडेंट्स के साथ हैं. उन्होंने कहा, "जो आपके साथ हिंसा हो रही है हम उसके ख़िलाफ़ हैं."

इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि विपक्षी सांसद तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं.

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "अभी, 'इंडिया' गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं."

उन्होंने लिखा, "हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया. वे बच्चे जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा. और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं, जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया. भारत के छात्र अकेले नहीं हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है.

इससे पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आवास के बाहर दिल्ली पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी.

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, सांसद प्रमोद तिवारी और आरजेडी सांसद मीसा भारती समेत कई नेता बैठक के लिए राहुल गांधी के आवास पहुंचे.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी राहुल गांधी के आवास पहुंचे. उन्होंने मीडिया से कहा, "राहुल गांधी ने हमें चाय पर बुलाया था, इसलिए मैं चाय पीने आया हूं."

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी भी राहुल गांधी के आवास पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने कहा, "पूरा 'इंडिया' ब्लॉक मिलकर इस मुद्दे पर लड़ रहा है."

बीते दो दिनों की तरह गुरुवार को जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई राजनीति, फ़िल्म और खेल जगत से जुड़े कई लोग सक्रिय दिखे.

बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा क़ुरैशी भी कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचीं.

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उनकी तस्वीर डालते हुए लिखा है, ''बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचीं.''

''यह जनता का आंदोलन है. न्याय और जवाबदेही की मांग के लिए हम सभी को एकजुट होकर इसका साथ देना चाहिए.''

मशहूर अभिनेता और सांसद कमल हासन ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों से भावुक अपील की है.

कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''हमें तभी सुन लेना चाहिए था जब एक बच्चा रोया था. लेकिन हमने तब तक इंतज़ार किया, जब तक हमारे बहुत से बच्चों की जान नहीं चली गई.''

''ऐसी व्यवस्था, जिसमें पढ़ाई की जगह कोचिंग, जिज्ञासा की जगह चिंता और योग्यता की जगह अपराध ने ले ली हो, वह पूरी तरह सड़ चुकी है.''

दिल्ली के जंतर-मंतर और इसके आसपास बुधवार को बड़ी संख्या में युवाओं की भीड़ देखने मिली. इस दौरान वहां कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई.

दिल्ली मेट्रो ने एहतियातन गुरुवार सुबह से ही अपने जंतर-मंतर के आसपास स्टेशनों को बंद करने की घोषणा कर दी. दिल्ली मेट्रो ने सेंट्रल दिल्ली के राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों पर केवल इंटरचेंज (लाइन बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी दी.

गुरुवार को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत विशेष अधिकार दिए गए हैं.

इसमें कहा गया कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए), 1980 के तहत दिल्ली पुलिस आयुक्त को प्रिव्हेंटिव डिटेंशन (निरोधात्मक हिरासत) के आदेश जारी करने का अधिकार दिया है.

हालांकि ये अधिकार 19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक, यानी तीन महीने की अवधि के लिए दिया गया है. लेकिन सार्वजनिक तौर पर ये गुरुवार को सामने आया है.

हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन ख़बरों का खंडन किया.

दिल्ली पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर यह भ्रामक दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत हिरासत में लेने की शक्तियां विशेष रूप से चल रहे सीजेपी आंदोलन को दबाने के लिए दी गई हैं.

पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और इस तरह के अधिकार हर तीन महीने में मिलते हैं.

इस घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छात्र और युवा वर्ग के मुद्दों पर राजनीतिक दलों का ध्यान केंद्रित होना दर्शाता है कि ये मुद्दे केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक भी हैं. छात्रों की आत्महत्याओं और उनकी समस्याओं पर चर्चा करना एक संवेदनशील विषय है, जो न केवल राजनीतिक दलों बल्कि समाज के सभी वर्गों को प्रभावित करता है.

इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन, जो कि शांति और न्याय की मांग करते हैं, देश के लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यह दिखाता है कि नागरिक समाज की आवाज को सुनने की आवश्यकता है और सरकार को उन मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता है जो युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहे हैं.

इस संदर्भ में, राहुल गांधी की भूमिका और विपक्ष के अन्य नेताओं की सक्रियता यह संकेत करती है कि वे इन मुद्दों को गंभीरता से ले रहे हैं और इनकी आवाज को उठाने का प्रयास कर रहे हैं. यह महत्वपूर्ण है कि राजनीतिक दल इस प्रकार के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करें ताकि एक सकारात्मक बदलाव लाया जा सके.

सामाजिक न्याय और शिक्षा के अधिकार के मुद्दों पर एक सशक्त और संगठित प्रतिक्रिया की आवश्यकता है, ताकि छात्रों के साथ होने वाली हिंसा और अन्याय को रोका जा सके. इसके लिए सभी राजनीतिक दलों और समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि एक ऐसा वातावरण बनाया जा सके जिसमें छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आवाज उठाने का अवसर मिले.

इस प्रकार के विरोध प्रदर्शन यह भी दर्शाते हैं कि युवा वर्ग में जागरूकता बढ़ रही है और वे अपने अधिकारों के लिए खड़े होने के लिए तैयार हैं. यह एक सकारात्मक संकेत है कि युवा पीढ़ी अब अपने मुद्दों के प्रति अधिक संवेदनशील हो रही है और उन्हें हल करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है.

इस घटनाक्रम के बाद, यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं या नहीं. यह समय है कि सभी पक्ष मिलकर एक सकारात्मक संवाद शुरू करें और छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य के लिए एक ठोस योजना बनाएं.

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