छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस ने विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। सदन में वेदांता हादसे में 25 मौतों का मामला भी गूंजा।
रायपुर, भारत 14 जुल॰ 2026 ALN: छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। सत्र के अंतिम दिन 17 जुलाई को इस पर चर्चा की जाएगी। सदन में सक्ती के वेदांता प्लांट हादसे में 25 लोगों की मौत का मामला प्रश्नकाल में गूंजा। अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी और जांच को लेकर विपक्ष ने सरकार से तीखे सवाल किए। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया और बाद में वॉकआउट कर दिया।
सत्र के दौरान अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, ‘माननीय नेता जी, अविश्वास प्रस्ताव भी दे दिए हो और प्रश्न भी पूछ रहे हैं।’ इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जवाब दिया, ‘अरे यार, आप हमेशा गड़बड़ करते हो… लगता है, दिनभर चढ़ी रहती है आपको। अविश्वास प्रस्ताव किस कारण ला रहे हैं, ये अभी बताने तो दो।’
ग्राफिक्स में देखिए विधानसभा की कार्यवाही में हुई नोकझोंक
वहीं, सदन में रायपुर की जलापूर्ति, अमृत मिशन और जल जीवन मिशन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। रायपुर शहर में पेयजल संकट, टैंकरों से सप्लाई, अधूरी योजनाओं और अवैध नल कनेक्शनों को लेकर सदन में तीखी नोकझोंक और सवाल-जवाब देखने को मिले।
किसानों के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव, विपक्षी विधायक निलंबित
खरीफ सीजन में किसानों को खाद, उन्नत बीज और बिजली की समस्या को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरा। विपक्ष ने डीएपी, पोटाश और खाद की कमी, कालाबाजारी तथा किसानों की परेशानियों का मुद्दा उठाया।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध होने का दावा किया। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन में हंगामा किया, गर्भगृह में पहुंचा और नियमों के तहत विपक्षी विधायक स्वतः निलंबित हो गए।
राज्य गठन के बाद 10वां अविश्वास प्रस्ताव
सदन में आज नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। राज्य गठन के बाद यह विधानसभा में लाया जाने वाला यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले 9 बार सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जा चुके हैं, लेकिन हर बार संबंधित सरकारें सदन में अपना बहुमत साबित करने में सफल रहीं। आज (मंगलवार) सदन में आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विधानसभा अध्यक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए दिन तय करेंगे।
विधायक दल की बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला लिया गया था।
अविश्वास प्रस्ताव क्यों अहम?
अविश्वास प्रस्ताव का मकसद केवल सरकार गिराना नहीं होता। विपक्ष इस बहस के जरिए सरकार के पूरे कार्यकाल के कामकाज पर सवाल उठाता है। सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियां गिनाता है और विपक्ष के आरोपों का जवाब देता है। चर्चा के बाद मतदान होता है। यदि सरकार के पक्ष में बहुमत रहता है तो प्रस्ताव स्वत: गिर जाता है।
इस बार कांग्रेस नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और विभिन्न प्रशासनिक मामलों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा सरकार अपनी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक उपलब्धियों का पक्ष रखेगी।
विधानसभा में बीजेपी के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 सदस्य हैं। 1 विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के हैं। ऐसे में संख्या बल बीजेपी के पक्ष में है। यही वजह है कि प्रस्ताव का राजनीतिक महत्व अधिक है, जबकि गणित सरकार के पक्ष में दिखाई देता है।
अब तक का रिकॉर्ड भी सरकार के पक्ष में
छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में अब तक 9 बार अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो चुकी है। हर बार सरकार बहुमत साबित करने में सफल रही है। पहली विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ 2002 और 2003 में भाजपा ने दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाया था।
इसके बाद डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ 2007, 2011, 2015, 2017 और 2018 में कुल पांच बार कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। वहीं, भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ 2022 और 2023 में भाजपा अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई। इन सभी प्रस्तावों पर लंबी बहस हुई, लेकिन कोई भी पारित नहीं हो सका।
भूपेश बघेल (कांग्रेस) की पूर्ववर्ती सरकार के खिलाफ छत्तीसगढ़ विधानसभा में जुलाई 2023 के मानसून सत्र के दौरान मुख्य विपक्षी दल बीजेपी की तरफ से अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ 109 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश किया था। हालांकि, भारी बहुमत (कांग्रेस के 72 विधायक) के कारण यह प्रस्ताव विधानसभा में ध्वनिमत से गिर गया था।
सबसे लंबी चर्चा जुलाई 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर हुई थी, जो 24 घंटे 25 मिनट तक चली थी। मंगलवार को विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ पेश होने वाला अविश्वास प्रस्ताव राज्य गठन के बाद 10वां होगा।
अब पढ़िए विधानसभा की कार्यवाही
भैय्यालाल राजवाड़े ने उठाए JJM पर सवाल
पाइपलाइन बिछाने के कार्य की जानकारी मांगी
पानी की टंकियों के निर्माण की स्थिति पूछी
कोरिया जिले में कार्यों का ब्यौरा मांगा
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का जवाब
कोरिया जिले में जल जीवन मिशन के तहत कार्य जारी
कुल 928 पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का बयान: ‘सचिन तेंदुलकर बहुत दिनों बाद बैटिंग के लिए उतरे हैं, पुराने खिलाड़ी हैं।’
विधायक अजय चंद्राकर के सवाल
रायपुर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल
अमृत मिशन लागू होने से कार्य पूर्ण होने तक की जानकारी मांगी
निगम क्षेत्र में 24 घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्धता का रिकॉर्ड मांगा
पानी के टैंकरों से जलापूर्ति पर हुए खर्च का ब्यौरा मांगा
उपमुख्यमंत्री अरुण साव का जवाब
अमृत मिशन योजना वर्ष 2016 में शुरू हुई, 2025 में पूरी हुई
कुल लागत: ₹427.37 करोड़ (42,737.23 लाख रुपये)
20 वार्डों में पूर्ण और 25 वार्डों में आंशिक पेयजल सुविधा
अमृत मिशन में 24×7 जलापूर्ति का प्रावधान नहीं था
सवाल पूछने उठे चरणदास महंत पर अजय चंद्राकर ने कमेंट किया।
अविश्वास प्रस्ताव पर नोकझोंक
सवाल पूछने उठे चरणदास महंत पर अजय चंद्राकर का कमेंट
अजय चंद्राकर - माननीय नेता जी, अविश्वास प्रस्ताव भी दे दिए हो और प्रश्न भी पूछ रहे हैं।
चरणदास महंत - अरे यार, आप हमेशा गड़बड़ करते हो... लगता है, दिनभर चढ़ी रहती है आपको। अविश्वास प्रस्ताव किस कारण ला रहे हैं, ये अभी बताने तो दो।
वेदांता हादसे में 25 मौतों पर सदन में हंगामा, विपक्ष ने वॉकआउट किया।
25 मौतों का मामला प्रश्नकाल में गूंजा
चरणदास महंत के सवाल
क्या अनिल अग्रवाल से पूछताछ या गिरफ्तारी की कोशिश हुई?
मंत्री लखनलाल देवांगन
मामले में एफआईआर दर्ज, जांच और विवेचना जारी
जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी
भूपेश बघेल के सवाल
क्या अनिल अग्रवाल को गिरफ्तार करने पुलिस गई?
क्या किसी और को फायदा पहुंचाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है?
भविष्य में ऐसी घटनाओं पर डायरेक्टर पर भी एफआईआर होगी?
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
कांग्रेस विधायकों ने सदन से किया वॉकआउट
वेदांता हादसे में कार्रवाई की मांग पर सरकार को घेरा
खाद-बीज पर स्थगन प्रस्ताव, हंगामे के बाद विपक्षी विधायक निलंबित
कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
कांग्रेस के आरोप
खरीफ सीजन में किसान खाद के लिए परेशान
डीएपी, पोटाश और सुपर फॉस्फेट की कमी
सोसायटियों में खाद नहीं, व्यापारियों के पास उपलब्ध
खाद की कालाबाजारी और दलाली का आरोप
कम बारिश और बिजली कटौती से खेती प्रभावित
भूपेश बघेल ने कहा
खाद का कोटा कम किया गया
किसान खाद के लिए भटक रहे हैं
बोनी पिछड़ रही है
सरकार किसानों को राहत देने में विफल
कृषि मंत्री रामविचार नेताम का जवाब
खाद और बीज की कोई कमी नहीं
14 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध
मांग के मुकाबले 96% बीजों का भंडारण
एनपीके और सिंगल सुपर फॉस्फेट भी उपलब्ध
अमानक खाद के 94 मामलों में कार्रवाई
मंत्री के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट, विपक्ष ने सदन में की नारेबाजी
विधायक गर्भगृह में पहुंचे। गर्भगृह में जाने पर स्वतः निलंबित
निलंबन के बाद विपक्ष का वॉकआउट, सदन से बाहर प्रदर्शन
20 साल में पहली बार पुरातात्विक संरक्षण पर चर्चा
अजय चंद्राकर के सवाल
प्रदेश में सिर्फ एक जगह खुदाई जारी
रजिस्टरों को दीमक से नुकसान कैसे? जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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