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Rewari Gas Blast: एक दिन पहले हुआ बेटी का अंतिम संस्कार, अब पिता ने भी तोड़ा दम

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 12, 2026, 12:30 AM IST
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रेवाड़ी के हंस नगर में एक घर में हुए भीषण धमाके के बाद गंभीर रूप से झुलसे पूर्व सैनिक सतबीर चौहान की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई।

रेवाड़ी के हंस नगर में एक घर में हुए भीषण धमाके के बाद गंभीर रूप से झुलसे पूर्व सैनिक सतबीर चौहान की शनिवार को अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सतबीर चौहान 70 प्रतिशत झुलसे गए थे। इससे पहले उनकी बेटी तन्नु की 9 जुलाई की शाम दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान जान चली गई थी। बेटी तन्नु का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम को ही किया गया था और शनिवार को उनके पिता ने भी दम तोड़ दिया। अब इस हादसे में मृतकों की संख्या दो हो गई है।

इस मामले में मॉडल टाउन थाना पुलिस ने आईजीएल (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं सतबीर की पत्नी, भतीजी और पड़ोसी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है। यह घटना न केवल परिवार के लिए एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय और प्रशासन के लिए भी कई गंभीर प्रश्न उठाती है।

धमाके का कारण

सतबीर चौहान की पत्नी मधु ने बताया कि 5 जुलाई को शाम के वक्त गेट के पास चारपाई पर बैठे मेर पति सतबीर और कुर्सी पर बैठे पड़ोसी जयभगवान चाय पी रहे थे। उनके चाय पीने के बाद मैं वो बर्तन रसोई में रखने चली गई। तभी मेरी बेटी तन्नु ने बेटे आकाश के कपड़े प्रेस करने के लिए स्विच ऑन किया और तभी जोरदार धमाका हो गया। यह धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग भी सहम गए। मधु ने बताया कि इस धमाके में मेरी बेटी काफी ज्यादा जल गई। पति सतबीर का मुंह, हाथ और पैर व पड़ोसी जयभगवान का हाथ, पैर और मुंह जल गया। चारपाई पर सो रही मेरी 2 वर्षीय भतीजी के मुंह, हाथ, पैर जल गए। जब मैंने भागकर आग बुझाने की कोशिश की, तो मेरे भी हाथ जल गए। मैं जोर से चिल्लाई तो सभी पड़ोसी इकट्ठा हो गए। उन्होंने आग बुझाई। मुझे, मेरे पति, बेटी, भतीजी और पड़ोसी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक चेतावनी है। गैस की लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाएं आमतौर पर गंभीर परिणामों का सामना करती हैं। ऐसे मामलों में अक्सर यह देखा गया है कि गैस की लीकेज और उसके परिणामस्वरूप होने वाले धमाकों के पीछे तकनीकी खामियां और सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है। गैस के रिसाव से होने वाली घटनाएं अक्सर भयानक होती हैं, और इससे न केवल जान-माल का नुकसान होता है, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी प्रभाव भी डालती हैं।

आईजीएल पर लगे लापरवाही के आरोप

हादसे से कुछ समय पहले मेरे पति कह रहे थे कि मेन गेट पर गैस की बदबू आ रही है। आरोप है कि यह हादसा आईजीएल की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) गेस टेस्टिंग व पाइप लाइन खुली होने के कारण घर के अंदर काफी मात्रा में गैस जमा होने से हुआ है। यह आईजीएल कंपनी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। गैस कंपनी के खिलाफ यह आरोप गंभीर हैं और अगर यह सही साबित होते हैं, तो कंपनी को अपने सुरक्षा मानकों में सुधार करने की आवश्यकता होगी।

गैस की सुरक्षा के मुद्दे पर यह घटना एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए न केवल तकनीकी सुधार की आवश्यकता है, बल्कि लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। कई बार लोग गैस की गंध को नजरअंदाज कर देते हैं, जो कि एक गंभीर खतरे का संकेत हो सकता है। गैस रिसाव की पहचान करने के लिए उचित उपकरणों का उपयोग और नियमित सुरक्षा जांचों का संचालन महत्वपूर्ण है।

शुक्रवार को बेटी का अंतिम संस्कार, शनिवार को पिता ने दम तोड़ा

शुक्रवार शाम को पूर्व सैनिक सतबीर चौहान के पैतृक गांव टांकड़ी में बेटी तन्नु का अंतिम संस्कार किया गया था। हादसे में झुलसी तन्नु की वीरवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मंगनी के बाद परिवार ने 25 नवंबर को तन्नु की शादी तय की हुई थी। डॉक्टरों के अनुसार तन्नु 90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। वहीं, शनिवार सुबह पिता सतबीर चौहान ने भी दम तोड़ दिया। सतबीर 70 प्रतिशत तक झुलस गए थे, वहीं, पड़ोसी जयभगवान 60 और 2 वर्षीय बच्ची 50 प्रतिशत से ज्यादा झुलसे हैं।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि यह पूरे समुदाय के लिए भी एक सबक है। ऐसे हादसे अक्सर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण होते हैं, और इस घटना ने गैस सुरक्षा के मुद्दे को फिर से सामने ला दिया है। स्थानीय प्रशासन को इस घटना से सबक लेना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

स्थानीय निवासियों ने इस घटना के बाद गैस सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी है। कई लोगों ने कहा है कि उन्हें गैस के उपयोग के दौरान अधिक सतर्क रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की गंध या समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए। यह महत्वपूर्ण है कि लोग अपने आसपास के वातावरण के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संभावित खतरे के संकेतों को नजरअंदाज न करें।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि गैस कंपनियों को अपने ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए अधिक जिम्मेदार और संवेदनशील होना चाहिए। उन्हें नियमित रूप से सुरक्षा जांच और मानकों का पालन करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। इसके साथ ही, लोगों को भी गैस के उपयोग की प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

अंत में, यह घटना एक परिवार की दुखद कहानी है, लेकिन यह हम सभी के लिए एक चेतावनी भी है कि हमें गैस सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान करना चाहिए। गैस सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन और शिक्षा का प्रचार-प्रसार आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी लोग गैस के उपयोग के दौरान सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की समस्या का तुरंत समाधान करें।

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