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देवरिया में हाईटेंशन तार गिरने से युवती की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 14, 2026, 11:34 AM IST
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देवरिया में 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार गिरने से एक युवती की मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने अस्पताल के सामने सड़क जाम कर दिया।

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हाल ही में हुई एक दुखद घटना ने न केवल एक परिवार, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। भाटपाररानी थाना क्षेत्र के भिंडा मिश्र गांव में सोमवार की रात लगभग 8 बजे, 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार टूटकर गिरने से 18 वर्षीय युवती काजल गुप्ता की मौत हो गई। इस हादसे में एक बछड़े की भी जान चली गई, जो काजल के साथ घटना के समय था। यह घटना बिजली विभाग की सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है और स्थानीय समुदाय में आक्रोश का कारण बन गई है।

काजल गुप्ता, जो भूपेश गुप्ता की बेटी थी, अपने घर के सामने बंधे बछड़े को खोलने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान, अचानक एक हाईटेंशन तार टूटकर उसके ऊपर गिर गया। इस घटना के परिणामस्वरूप काजल गंभीर रूप से झुलस गई, और बछड़े की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचित किया और विद्युत आपूर्ति बंद करने की मांग की, लेकिन आरोप है कि बिजली काटने में काफी देर की गई। किसी तरह, ग्रामीणों और परिजनों ने साहस जुटाकर काजल को करंट की चपेट से बाहर निकाला और उसे बाइक से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भाटपाररानी ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

काजल की मौत की खबर मिलने के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। यह घटना न केवल काजल के परिवार के लिए, बल्कि पूरे गांव के लिए एक गहरा सदमा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसे हादसे हुए हैं। इससे पहले भी कई बार स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग को खतरे के बारे में सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि क्या बिजली विभाग सुरक्षा मानकों का पालन कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर बिजली की आपूर्ति के लिए स्थापित हाईटेंशन तारों की स्थिति को नजरअंदाज किया जाता है। ऐसे तारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय नहीं किए जाते हैं, जिससे इस प्रकार की दुर्घटनाएं होती हैं। ग्रामीणों की चिंता यह है कि यदि ऐसे ही तारों के नीचे उनके बच्चे खेलते हैं, तो क्या होगा।

हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से पूर्व सैनिक की मौत

इसी प्रकार की एक और घटना मैनपुरी जिले में हुई, जहां कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला राजीव गांधी नगर में एक पूर्व सैनिक की हाईटेंशन लाइन के करंट से मौत हो गई। यह पूर्व सैनिक अपने निर्माणाधीन मकान के पिलर में सरिया काट रहा था, तभी सरिया ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में छू गई और उसे करंट लग गया। इस घटना ने भी स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है।

गजेंद्र सिंह, जो दन्नाहार थाना क्षेत्र के ग्राम नगला कोंडर के निवासी थे, अपने मकान का निर्माण कर रहे थे। सोमवार की सुबह लगभग 9:30 बजे, वह निर्माणाधीन मकान के पिलर में बढ़ी हुई सरिया को काट रहे थे। अचानक, सरिया हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई और गजेंद्र को करंट लग गया। वह वहीं गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। निर्माण में लगे मिस्त्री, मजदूर और अन्य स्थानीय लोग उनकी मदद के लिए दौड़ पड़े और उन्हें जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण लोगों की जान को खतरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें बिजली विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। वे मांग कर रहे हैं कि बिजली विभाग को तारों की स्थिति को नियमित रूप से जांचना चाहिए और आवश्यकतानुसार मरम्मत और सुरक्षा उपाय करने चाहिए।

इन घटनाओं के बाद, स्थानीय प्रशासन को भी इस मामले में संज्ञान लेना होगा। यह जरूरी है कि वे न केवल पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दें, बल्कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। इससे न केवल स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें बिजली विभाग पर विश्वास भी बढ़ेगा।

समुदाय के सदस्यों ने एकजुट होकर यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि उनकी आवाज सुनी जाए। वे स्थानीय नेताओं और प्रशासन से मिलकर इस मुद्दे को उठाने की योजना बना रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यह आवश्यक है कि सरकार और संबंधित विभाग इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दें और आवश्यक उपाय करें।

इस प्रकार की घटनाएं केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं होती हैं, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक समस्या का संकेत हैं। बिजली की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए उचित उपायों की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे हादसे भविष्य में न हों, ताकि किसी और परिवार को इस तरह के दुख का सामना न करना पड़े।

बिजली विभाग की लापरवाही के कारण होने वाले हादसों की गंभीरता को समझने के लिए यह आवश्यक है कि संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा, बिजली के तारों की सुरक्षा के लिए नियमित निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत कार्यों की योजना बनानी चाहिए। यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए स्थापित हाईटेंशन तारों की स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जाए।

इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन को भी इस दिशा में सक्रियता दिखानी चाहिए। उन्हें चाहिए कि वे स्थानीय लोगों के साथ संवाद करें और उनकी चिंताओं को सुनें। यदि स्थानीय समुदायों को यह विश्वास दिलाया जाए कि उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, तो इससे उनका विश्वास बढ़ेगा और वे बिजली विभाग के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे।

अंततः, यह घटनाएं एक महत्वपूर्ण सबक हैं कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने से न केवल व्यक्तिगत जीवन को खतरा होता है, बल्कि यह पूरे समुदाय की सुरक्षा को भी प्रभावित करता है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों और स्थानीय समुदायों को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जीने का अवसर मिले।

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