दिल्ली में दो महिलाओं ने फर्जी CBI टीम बनाकर ठगी की योजना बनाई थी, जिसे पुलिस ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।
भोपाल, भारत 25 अग॰ 2026 ALN: दिल्ली में फर्जी CBI गैंग का पर्दाफाश: बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल-26' का वो सीन, जिसमें कुछ लोगों द्वारा फर्जी CBI अफसरों की टीम बनाकर नेताओं और कारोबारियों समेत कई जगहों पर छापेमारी की जाती है। इसी तरह का एक मामला दिल्ली से सामने आया है, जिसमें 2 महिलाओं ने फिल्मी सीन को हकीकत में अपनाया है। दरअसल इन दोनों महिलाओं ने फेक CBI टीम बनाकर रेड की आड़ में ठगी का प्लान बनाया था। लेकिन दिल्ली पुलिस ने इस फर्जी गैंग का पर्दाफाश कर दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों महिलाएं खाकी और मोनोग्राम वाली ड्रेस, गले में सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र लेकर प्रशांत विहार में फर्नीचर कारोबारी के घर छापेमारी करने पहुंची थी। लेकिन दिल्ली पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए फिल्मी स्टाइल में रची गई इस साजिश के 5 और शातिर सदस्यों को जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार कर पूरी कहानी का पर्दाफाश कर दिया।
DCP शशांक जायसवाल के मुताबिक, इस फिल्मी स्टाइल वाले फर्जी CBI अफसरों के गिरोह की सरगना आसिफा और पूजा अग्रवाल थीं। आसिफा राजेंद्र प्लेस में होटल चलाती थी, लेकिन घाटे के बाद उसने वसूली का रास्ता चुना। बताया जा रहा है कि आसिफा ने CBI की कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझ लिया था।
इसलिए उसने खुद फर्जी आईकार्ड और मोनोग्राम वाली वर्दी तैयार करवाई। वहीं, दूसरी आरोपी पूजा की मुलाकात एक पार्टी में 63 साल के कुलदीप से हुई थी, जिसने फर्नीचर कारोबारी प्रथम अग्रवाल को सॉफ्ट टारगेट बताया था। इसके बाद पूजा के जीजा चंद्र प्रकाश ने शुभम, राजवीर और नितिन जैसे लड़कों को गिरोह में शामिल करके एक फर्जी CBI अफसरों की टीम बनाई गई।
#WATCH | Delhi: On seven arrested for posing as CBI officers in fake raid case, DCP, Rohini District Shashank Jaiswal says, "On 11th August, we received a call stating that some fake CBI officers had arrived to conduct a raid at the home of one Pratham Agarwal. They arrived at… pic.twitter.com/IySFHi8NGM
— ANI (@ANI) August 24, 2026
पुलिस का कहना है कि 11 अगस्त को 2 महिलाओं और 8 पुरुषों की टीम कारोबारी प्रथम अग्रवाल के घर छापेमारी करने पहुंची थी, उस दौरान घर पर केवल उनकी मां थी। कारोबारी को उन पर संदेह हुआ, तो उन्होंने दरवाजा खोलने के बजाय शोर मचा दिया। जिसके बाद सभी फेक अफसर वहां से भाग निकले। पुलिस को जब फेक टीम के बारे में सबूत मिला, तो उन्होंने टीम के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुए हैं।
बता दें कि इस पहले भी, इस तरह के मामले देखने को मिले हैं। कुछ समय पहले करोल बाग के एक बड़े कारोबारी के यहां फर्जी प्रवर्तन निदेशालय की टीम बनकर पहुंचे बदमाशों ने करोड़ों के जेवर और नकदी लूटने की कोशिश की थी। वहीं रोहिणी इलाके में ही खुद को कस्टम और विजिलेंस विभाग का उच्च अधिकारी बताकर आयात-निर्यात व्यापारियों से करोड़ों की ठगी करने वाला एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट पकड़ा गया था।
दिल्ली में ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गई है। फर्जी अधिकारियों के द्वारा ठगी की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में अशांति और भय का माहौल भी पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में आम जनता का विश्वास कमजोर होता है, जो कानून और व्यवस्था पर निर्भर करती है।
पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई न केवल इस विशेष मामले में अपराधियों को पकड़ने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह अन्य संभावित अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। इसके लिए, उन्हें न केवल तकनीकी साधनों का उपयोग करना होगा, बल्कि जनता को भी जागरूक करना होगा ताकि वे फर्जी अधिकारियों की पहचान कर सकें और ऐसे मामलों की रिपोर्ट कर सकें।
इसके अतिरिक्त, यह भी महत्वपूर्ण है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां इस तरह के अपराधों के प्रति सख्त कानून बनाएं और उन्हें लागू करें। इससे न केवल अपराधियों को सजा मिलेगी, बल्कि समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा कि इस प्रकार के अपराधों को सहन नहीं किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि जब कानून और व्यवस्था की बात आती है, तो कोई भी व्यक्ति या समूह सुरक्षित नहीं होता। यह घटना हमें यह भी याद दिलाती है कि समाज में हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दें।
आखिरकार, समाज की सुरक्षा और भलाई के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि सतर्कता और जागरूकता की आवश्यकता है, ताकि हम एक सुरक्षित और सुरक्षित समाज की दिशा में बढ़ सकें।
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