रांची में हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा: दो चोरनियां गिरफ्तार

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 23, 2026, 11:41 PM IST
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रांची में दो घरों में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा। 17.36 लाख नकद, गहने व जगुआर कार जब्त। अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 2 महिलाएं गिरफ्तार।

रांची से प्रणव की रिपोर्ट

Ranchi High Profile Theft: झारखंड की राजधानी रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित अशोक नगर में दो घरों में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. विशेष जांच दल (SIT) ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में 17.36 लाख रुपये नकद, सोने के गहने और चोरी में प्रयुक्त जगुआर कार बरामद की गई है. पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं. पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि रांची के अतिसुरक्षित पॉश कॉलोनी अशोक नगर में चोरी करने के लिए चोरों के साथ दिल्ली के बवाना और बिहार के सीतामढ़ी से चोरनियां भी आई थीं.

9 जुलाई को हुई थी दो घरों में चोरी

पुलिस के अनुसार, 9 जुलाई 2026 को अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर निवासी निशित केसरी और अखिलेश पांडेय के घरों में चोरी की बड़ी घटना हुई थी. इस मामले में अरगोड़ा थाना कांड संख्या 172/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) के मार्गदर्शन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) के नेतृत्व में विशेष एसआईटी का गठन किया गया.

CCTV और डिजिटल साक्ष्यों से मिला सुराग

जांच के दौरान एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य डिजिटल इनपुट का विश्लेषण किया. इसके आधार पर पुलिस ने चोरी में शामिल संदिग्धों की पहचान की और विभिन्न राज्यों में छापेमारी शुरू की. कार्रवाई के दौरान कोलकाता से चोरी में इस्तेमाल की गई नीले रंग की जगुआर कार (UP78EM0101) बरामद की गई. इसके साथ ही चोरी गए कुछ सोने के आभूषण और 17 लाख 36 हजार 200 रुपये नकद भी बरामद किए गए.

अंतरराज्यीय गिरोह के तीन मुख्य आरोपी चिन्हित

पुलिस ने इस मामले में कुख्यात अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों की पहचान की है. इनमें इरफान उर्फ उजाले उर्फ बाबा उर्फ आर्यन, अफरोज उर्फ समीर उर्फ समीम और नवीन शर्मा शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, गिरोह के मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

दो महिलाओं की गिरफ्तारी

जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी इरफान और अफरोज के घरों में भी छापेमारी की. वहां से उनकी पत्नियों के कब्जे से चोरी के कुछ गहने और नकदी बरामद हुई. इसके बाद पुलिस ने बिहार के सीतामढ़ी की गुलशन प्रवीण पत्नी इरफान और दिल्ली के बवाना की शकीला उर्फ लाडली पत्नी अफरोज को गिरफ्तार कर लिया. दोनों से पूछताछ कर चोरी के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है.

80 से अधिक मामलों में वांछित है मुख्य आरोपी

अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह का सरगना मो. इरफान देश के कई राज्यों में सक्रिय रहा है. उसके खिलाफ करीब 80 आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार, इरफान पर कानपुर, आगरा, दिल्ली, गाजियाबाद, गोवा, बेंगलुरु, सूरत, हैदराबाद, छत्तीसगढ़, पुणे, केरल, सीतामढ़ी और जालंधर सहित कई शहरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं. उसका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है.

ये सामान हुए बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई सामान बरामद किए हैं.

  • 17,36,200 रुपये नकद
  • एक सोने का मंगलसूत्र
  • एक डायमंड आभूषण
  • तीन सोने की अंगूठियां
  • चोरी में इस्तेमाल नीले रंग की जगुआर कार (UP78EM0101)

फरार आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस का कहना है कि गिरोह के मुख्य आरोपी अभी फरार हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य और सहयोगी किन-किन राज्यों में सक्रिय हैं.

एसआईटी और तकनीकी टीम ने निभाई अहम भूमिका

पूरे ऑपरेशन में सहायक पुलिस अधीक्षक निखिल राय, वरीय पुलिस उपाधीक्षक नीरज कुमार, अरगोड़ा थाना प्रभारी सतीश कुमार गोराई सहित रांची पुलिस के कई थाना प्रभारियों, तकनीकी शाखा, क्यूआरटी और अन्य पुलिस अधिकारियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. रांची पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय चोरी गिरोह की गतिविधियों पर बड़ी चोट पहुंची है. पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी के अन्य मामलों से इनके संबंधों की भी जांच कर रही है.

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने रांची में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां संपन्न लोग निवास करते हैं. अशोक नगर, जिसे एक पॉश कॉलोनी माना जाता है, में इस तरह की चोरी की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली और स्थानीय पुलिस की तत्परता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती हैं. रांची में हाल के वर्षों में चोरी और अपराध की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों के बीच चिंता बढ़ी है.

सुरक्षा उपायों में सुधार की आवश्यकता

पुलिस ने इस घटना के बाद सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की योजना बनाई है, जिसमें सीसीटीवी कैमरा नेटवर्क का विस्तार और गश्त बढ़ाने की योजना शामिल है. इसके अलावा, स्थानीय निवासियों को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय बढ़ाना आवश्यक है, ताकि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.

आपराधिक गतिविधियों का बढ़ता नेटवर्क

इस घटना ने रांची में आपराधिक गतिविधियों के बढ़ते नेटवर्क को उजागर किया है, और यह संकेत देता है कि अपराधी अब अधिक संगठित और योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहे हैं. पुलिस के लिए यह चुनौती है कि वे इन गिरोहों की गतिविधियों पर नकेल कसें और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाएं. इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए और प्रयास किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

समुदाय की भागीदारी की आवश्यकता

स्थानीय समुदाय की भागीदारी इस मुद्दे को हल करने में महत्वपूर्ण है. पुलिस और स्थानीय निवासियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने से न केवल अपराध की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि समुदाय में एकजुटता और सुरक्षा की भावना भी बढ़ेगी. इसके लिए, पुलिस को स्थानीय निवासियों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करनी चाहिए. इसके साथ ही, समुदाय के सदस्यों को भी अपने आस-पास की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए.

भविष्य की चुनौतियाँ

रांची में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के बीच, पुलिस विभाग को भविष्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। गिरोहों की बढ़ती संख्या, तकनीकी उन्नति के साथ अपराधियों की नई रणनीतियाँ और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी पुलिस के लिए एक कठिन कार्य है। इसके लिए, पुलिस को नवीनतम तकनीकों का उपयोग करते हुए अपराध की रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीतियाँ विकसित करनी होंगी।

निष्कर्ष

इस चोरी की घटना ने रांची में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर किया है और पुलिस की कार्रवाई ने यह दिखाया है कि वे सक्रिय रूप से अपराधियों के खिलाफ काम कर रहे हैं। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। स्थानीय निवासियों, पुलिस और सरकार के बीच सहयोग से ही इस समस्या का समाधान संभव है।

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