मोहाली में चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) बस का स्टीयरिंग लॉक हो गया, जिससे बस कैंटर से टकराई। एक युवती सड़क पर गिरी और तीन यात्री घायल हुए।
नई दिल्ली, भारत 19 जुल॰ 2026 ALN: मोहाली में रविवार को चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) बस का अचानक स्टीयरिंग लॉक हो गया, जिसके कारण बस आगे चल रहे कैंटर से टकरा गई। इस हादसे में तीन यात्री घायल हो गए, और एक युवती बस की खिड़की से बाहर गिर गई। इस घटना के परिणामस्वरूप हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हादसे के तुरंत बाद, सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू किया, जिससे जाम को खुलवाकर ट्रैफिक को सुचारू किया जा सका। यह बस चंडीगढ़ से उत्तराखंड के हल्द्वानी जा रही थी, और ड्राइवर के अनुसार, बस में लगभग 6-7 सवारियां थीं।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे CTU की बस चंडीगढ़ से हल्द्वानी के लिए रवाना हुई थी। जीरकपुर में नेशनल हाईवे पर होटल मैरीलैंड के पास फ्लाईओवर खत्म होने के बाद, जैसे ही बस स्लिप रोड पर पहुंचने वाली थी, अचानक उसका स्टीयरिंग लॉक हो गया। इससे ड्राइवर बस पर नियंत्रण खो बैठा और बस आगे चल रहे कैंटर से टकरा गई।
टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बस के एक तरफ के सभी शीशे टूट गए और जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। इस हादसे के दौरान एक युवती बस से नीचे गिर गई, जबकि कई यात्रियों को टूटे हुए शीशों के कांच लगने से चोटें आईं। इस घटना ने न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन की विश्वसनीयता पर भी चिंता जताई है।
इस दौरान बारिश भी हो रही थी, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। किसी ने सूचना सड़क सुरक्षा फोर्स को दी, जिसके बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। सड़क सुरक्षा फोर्स और स्थानीय पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर जाम खुलवाया और ट्रैफिक को सुचारू किया। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के तकनीकी कारणों की जांच शुरू कर दी है।
जीरकपुर के एसएचओ सतिंदर सिंह ने बताया कि अभी तक मामले की जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि टीम सेक्टर-32 जीएमसीएच भेजी गई है। जैसे ही टीम आएगी, उसके बाद घायलों के बारे में और जानकारी प्राप्त की जाएगी।
CTU से रिटायर एक मुलाजिम ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि सीटीयू में बसों की सर्विस तय समय पर नहीं हो रही है। इस वजह से दिक्कत आ रही है। डी सर्विस का समय चालीस हजार किलोमीटर तय है, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। इसके अलावा, वर्कशॉप कच्चे मुलाजिमों के हवाले कर रखी गई है, जबकि पक्के मुलाजिमों को अन्य जगह पर लगाया गया है। इस मामले में सीटीयू के उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए। हाल ही में एक नई बस का पहिया भी खुल गया था, जिससे यह साबित होता है कि बसों की सुरक्षा और रखरखाव में गंभीर कमी है।
यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाती है। CTU जैसी संस्थाओं को इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि उनकी बसों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित रखरखाव और तकनीकी जांच की जाए। इसके अलावा, ड्राइवरों को भी उचित प्रशिक्षण और संसाधनों की आवश्यकता है ताकि वे आपात स्थितियों में बेहतर तरीके से प्रतिक्रिया कर सकें।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा केवल एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है जिसमें सरकार, परिवहन विभाग, और आम जनता सभी का योगदान आवश्यक है। यदि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं।
अंत में, यह आवश्यक है कि CTU और अन्य परिवहन संस्थाएँ इस घटना से सबक लें और अपनी सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की विश्वसनीयता में भी वृद्धि होगी।
इस घटना के बाद, यात्रियों और आम जनता में चिंता का माहौल है। लोग अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनके जीवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। कई यात्रियों ने कहा है कि उन्हें अब बसों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहना होगा।
सड़क सुरक्षा के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएँ न केवल तकनीकी कारणों से होती हैं, बल्कि मानव त्रुटियों और प्रबंधन की कमी का भी परिणाम होती हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि CTU और अन्य सार्वजनिक परिवहन संस्थाएँ अपनी सभी प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन करें और सुनिश्चित करें कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।
इसके साथ ही, यात्रियों को भी चाहिए कि वे बसों में यात्रा करते समय अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और किसी भी असामान्य स्थिति के बारे में तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। यह सामूहिक प्रयास ही सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकता है।
इस घटना ने यह भी दिखाया है कि जब तक सार्वजनिक परिवहन में सुधार नहीं होगा, तब तक यात्रियों की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहेगी। इसलिए, यह समय है कि CTU और अन्य संबंधित संस्थाएँ इस दिशा में ठोस कदम उठाएं।
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