बिलासपुर में स्कूल की फॉल सीलिंग गिरी: स्वामी आत्मानंद अंबेडकर स्कूल में हादसा

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Aug 25, 2026, 10:33 AM IST
5 min read
  • linkedin
  • twitter
  • facebook
  • instagram
  • whatsapp

बिलासपुर के स्वामी आत्मानंद अंबेडकर स्कूल में फॉल सीलिंग गिरने से बड़ा हादसा टला। कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं।

बिलासपुर के मगरपारा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वामी आत्मानंद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में हाल ही में एक गंभीर घटना घटित हुई, जब प्राचार्य कक्ष समेत चार कमरों की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब स्कूल में बच्चे उपस्थित नहीं थे। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

शहर में रविवार से रुक-रुककर बारिश हो रही थी, जो रविवार रात से सोमवार सुबह तक जारी रही। इस मौसम की स्थिति ने जर्जर और कमजोर भवनों पर नकारात्मक प्रभाव डाला। इसी दौरान सत्यम चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वामी आत्मानंद स्कूल में फॉल सीलिंग गिरने की घटना सामने आई, जिससे स्कूल की संरचना की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।

3 साल पहले लाखों खर्च कर कराई गई थी मरम्मत

डॉ. भीमराव अंबेडकर स्कूल, जो वर्षों से शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, को साल 2022 में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल का दर्जा दिया गया था। इसके बाद स्कूल भवन की मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च किए गए थे। इस मरम्मत कार्य में सभी कमरों में फॉल्स सीलिंग लगाना और परिसर में टाइल्स लगाना शामिल था। हालांकि, हाल की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस मरम्मत कार्य की गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्रों के अनुसार, सीपेज और नमी के कारण स्कूल के अन्य कमरों की फॉल्स सीलिंग भी जर्जर हो चुकी है। लगातार बारिश के चलते स्कूल परिसर में पानी भर गया है, जिससे जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण छोटे बच्चों को आने-जाने और मध्याह्न भोजन करने में कठिनाई हो रही है। यह स्थिति न केवल बच्चों के लिए बल्कि स्कूल के कर्मचारियों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।

स्कूल प्रबंधन ने इस मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और नगर निगम के अधिकारियों को दे दी है। अब फॉल्स सीलिंग गिरने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाएगी, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

बारिश में फॉल्स सीलिंग गिरने का खतरा

स्कूल के शिक्षक कुबेर दास कुर्रे ने बताया कि बारिश के दौरान प्रिंसिपल ऑफिस, कक्षा छठवीं, कंप्यूटर रूम समेत चार कमरों की फॉल्स सीलिंग गिर गई। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल के कई कमरों की हालत पहले से ही जर्जर है। इस स्थिति की जानकारी विभाग के अधिकारियों को पहले ही दे दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

शिक्षकों के अनुसार, स्कूल में यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दौरान परिसर में पानी भरना एक आम बात हो गई है। स्कूल की इस बदहाल स्थिति और जलभराव को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई थी, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। शिक्षकों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

टल गया बड़ा हादसा, बच्चे होते तो खतरा

हालांकि, शिक्षकों ने यह भी कहा कि यह हादसा रात में हुआ है, जिसके कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। यदि यह घटना स्कूल के समय में होती, तो स्कूली बच्चे और शिक्षक इसके चपेट में आ सकते थे, जिससे जान-जोखिम की स्थिति बन जाती। इस घटना ने सभी को सावधान कर दिया है और स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता महसूस हुई है।

हादसे के बाद, बच्चों को 31 अगस्त तक स्कूल आने से मना किया गया है। मंगलवार को परीक्षा के कारण स्कूल कुछ समय के लिए खोला जा सकता है, लेकिन परीक्षा सुरक्षित कमरे में कराई जाएगी। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

स्कूल की कर छुट्टी, पढ़ाई प्रभावित

इस हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन ने अवकाश घोषित कर दिया है। स्कूल में कक्षाएं नहीं लग रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस तरह से जर्जर हालत में क्लास रूम में बच्चों को बैठाना खतरा हो सकता है। यह स्थिति न केवल छात्रों की शिक्षा को प्रभावित कर रही है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल रही है।

कलेक्टर और डीईओ को दी जानकारी

स्कूल प्रबंधन ने कलेक्टर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जांच करने के साथ ही बच्चों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश इस बात को दर्शाता है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग है।

इस घटना ने न केवल स्कूल के प्रशासनिक ढांचे की कमजोरियों को उजागर किया है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे की स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है। यदि उचित ध्यान और संसाधन नहीं दिए गए, तो ऐसी घटनाएँ भविष्य में भी हो सकती हैं। यह स्थानीय प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि उन्हें स्कूलों की सुरक्षा और संरचना पर ध्यान देना चाहिए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।

इस प्रकार की घटनाएँ शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। यह न केवल छात्रों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का है, और उन्हें सुरक्षित और समुचित वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलना चाहिए।

Get More Updates

To learn more about the latest developments in Crime & Law, stay updated with our exclusive reports and analyses on AILensNews.

Related News