बलरामपुर में महिला मजदूरों से भरी पिकअप पलटी, 2 की मौत

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 16, 2026, 12:07 AM IST
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बलरामपुर जिले में महिला मजदूरों से भरी एक पिकअप पलट गई, जिसमें दो महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गईं।

बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जारगिम-जुड़वानी में बुधवार शाम को हुए एक दुखद हादसे ने स्थानीय समुदाय को गहरे शोक में डाल दिया है। इस घटना में महिला मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना न केवल उन परिवारों के लिए एक बड़ा आघात है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर भी एक गंभीर प्रश्न उठाती है।

घटना के संदर्भ में, जानकारी के अनुसार, परेवा गांव की महिला मजदूरों को धान की रोपाई के लिए जारगिम-जुड़वानी ले जाया गया था। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में स्थित है, जो अपनी कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता है। धान की रोपाई का यह मौसम है, और इस समय कई मजदूर खेतों में काम करने के लिए आते हैं। शाम करीब 6 बजे, सभी मजदूर पिकअप से वापस परेवा लौट रहे थे, जब यह हादसा हुआ।

पिकअप में 20 से 25 महिला मजदूर (बनिहार) सवार थीं, जो अपने काम के बाद घर लौट रही थीं। अचानक, रास्ते में एक मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और पिकअप पलट गई। इस घटना के कारण पिकअप में सवार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।

दो महिलाओं की मौके पर मौत

हादसे में विमला नगेशिया (40) और कामेश्वरी पैकरा (46), दोनों निवासी परेवा, की मौके पर ही मौत हो गई। ये दोनों महिलाएं अपने परिवारों की मुख्य आजीविका स्रोत थीं और उनकी मौत से उनके परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है। अन्य कई महिलाएं घायल हो गईं, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई गई है।

घटना की सूचना मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। गंभीर स्थिति में तीन महिलाओं को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज शंकरगढ़ अस्पताल में जारी है।

टक्कर के बाद डर से तेज रफ्तार में भाग रहा था चालक

शंकरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिलाओं को छोड़ने जा रही पिकअप ने रास्ते में एक अन्य पिकअप को टक्कर मार दी थी। इस टक्कर के बाद चालक ने ग्रामीणों के पीछा करने के डर से तेज रफ्तार में वाहन भगाने का प्रयास किया। इसी दौरान मोड़ पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और चालक की पहचान की जा रही है।

यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि कई बार सड़क पर अनियंत्रित गति और लापरवाही से गंभीर हादसे हो सकते हैं। खासकर जब वाहन में अधिक संख्या में लोग सवार होते हैं, तो खतरा और भी बढ़ जाता है।

सरगुजा संभाग में मजदूरों की स्थिति

सरगुजा संभाग में रोपाई के मौसम में बड़ी संख्या में मजदूरों को रोपा लगाने के लिए मालवाहकों से ढोया जाता है। यह एक सामान्य प्रथा है, लेकिन यह भी एक बड़ा जोखिम है। कई बार, वाहन की क्षमता से अधिक सवारियों को ले जाने के कारण सड़क पर हादसे होते हैं। इस क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए मजदूरों की मांग हमेशा बनी रहती है, जो उन्हें दूरदराज के गांवों से लाने के लिए ऐसे वाहनों का उपयोग करने के लिए मजबूर करती है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर चिंता का विषय हैं। पिछले कुछ वर्षों में, इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जो सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती है। ऐसे में, स्थानीय प्रशासन को सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है, जैसे कि वाहन की गति सीमा को नियंत्रित करना और ओवरलोडिंग पर रोक लगाना।

इस हादसे ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि सड़क पर सुरक्षा केवल चालक की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि सभी सवारियों की भी होती है। उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे सुरक्षित तरीके से यात्रा करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।

स्थानीय समुदाय में इस घटना को लेकर गहरी चिंता और शोक का माहौल है। मृतकों के परिवारों को सहायता प्रदान करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, यह भी आवश्यक है कि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

अंततः, इस घटना ने हमें यह याद दिलाया है कि सड़क पर सावधानी बरतना न केवल चालक की जिम्मेदारी है, बल्कि सभी सवारियों की भी है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम सुरक्षित यात्रा करें और सड़क पर किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। इस घटना के बाद, उम्मीद की जा रही है कि स्थानीय प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।

इसी संदर्भ में, स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें सड़क सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें स्थानीय नेताओं, पुलिस अधिकारियों, और परिवहन विभाग के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क पर सुरक्षा को बढ़ाना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है।

सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को सड़क पर सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, स्थानीय समुदाय के सदस्यों को भी सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।

अंत में, इस घटना ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि क्या हम सभी सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक सावधानियां बरत रहे हैं। सड़क पर चलने वाले सभी व्यक्तियों को चाहिए कि वे अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यह न केवल एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी है, बल्कि सामूहिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू भी है।

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