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2030 तक 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का सीएम सम्राट चौधरी का ऐलान

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Aug 26, 2026, 05:58 AM IST
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में महिलाओं के विकास के लिए बड़ा ऐलान किया है। 2030 तक एक करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक राज्य की एक करोड़ महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनावों से पहले की गई है, जो राज्य में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 50 लाख महिलाओं को दुग्ध सहकारी समितियों और इससे जुड़े रोजगार से जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि बिहार की उन्नति का रास्ता महिलाओं के विकास से ही निकलता है, और राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा एक कार्यक्रम के दौरान की, जो सीएम सचिवालय में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 'सात निश्चय-तीन' योजना के तहत एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस पहल के माध्यम से बिहार में महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पशुपालन और दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को 12 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। बिहार में डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा गया है, जो एक महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तन का संकेत है।

महिला रोजगार योजना के अंतर्गत, सुधा बिक्री केंद्र खोलने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरी और तीसरी किश्त मिलाकर करीब 60 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, सभी पंचायतों में एक सुधा बिक्री केंद्र खोलने के लिए महिलाओं का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर गांव में महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें। इसके साथ ही, सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी शुरू किया गया है।

मुख्यमंत्री को राखी बांधी

कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों, सुधा सखियों और दुग्ध उत्पादक महिलाओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को राखी बांधकर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने जीविका-सुधा बिक्री केंद्रों के आवंटन-पत्र भी जीविका दीदियों को सौंपे और पशु औषधि बिक्री केंद्रों के लिए चयनित महिलाओं को चयन-पत्र वितरित किए। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने का एक प्रयास है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और एकता का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

  • अंतरजातीय विवाह करने पर एससी-एसटी महिलाओं को राज्य सरकार सवा लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
  • डेयरी एवं पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 50 लाख की जाएगी।
  • सभी पंचायतों में एक-एक सुधा बिक्री केंद्र खुलेगा, जीविका दीदी का चयन लॉटरी से होगा।
  • महिलाओं को सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र तथा दूध संग्रहण केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की पीटी उत्तीर्ण सभी छात्राओं को राशि

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर सभी वर्ग की छात्राओं को 30 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह कदम न केवल महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि बिहार में महिलाओं को पंचायत और नगर निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जिससे आज राज्य में करीब 59-60 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में निर्वाचित होकर आ रही हैं। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में बिहार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

एनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने एनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान का शुभारंभ भी किया, जो 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस अभियान के तहत एक करोड़ 20 लाख लाभार्थियों की जांच की जाएगी, जिसमें बच्चों, महिलाओं और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की एनीमिया की जांच की जाएगी। जरूरत के अनुसार उनका उपचार और दवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि यह महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

इन सभी घोषणाओं का उद्देश्य बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके विकास को प्राथमिकता देना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह प्रयास न केवल महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि इससे समाज में सकारात्मक बदलाव भी आएगा। बिहार में महिलाओं की स्थिति को सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में राज्य की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगा।

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