राजस्थानी कढ़ी: दही-बेसन से बनाएं टेस्टी राजस्थानी कढ़ी

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Aug 25, 2026, 09:47 PM IST
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राजस्थानी कढ़ी बेहद स्वादिष्ट लगती है। इसे आप आसानी से तैयार कर सकते हैं। इससे लंच और डिनर का स्वाद बढ़ जाएगा।

राजस्थानी कढ़ी: राजस्थानी भोजन की विशेषता उसके चटपटे स्वाद, मसालों की खुशबू और देसी अंदाज में निहित है। इनमें से एक पारंपरिक और लोकप्रिय डिश है राजस्थानी कढ़ी। यह कढ़ी, जो दही और बेसन से बनाई जाती है, आमतौर पर भारतीय कढ़ी से थोड़ी भिन्न होती है। राजस्थानी कढ़ी का विशेष स्वाद इसके मसालों के संतुलन और तड़के की खुशबू से आता है, जो इसे एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। गरमा-गरम चावल या बाजरे की रोटी के साथ इसका सेवन करने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

राजस्थानी कढ़ी बनाने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। दही और बेसन का सही अनुपात, मसालों की मात्रा और धीमी आंच पर पकाने से इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। यह न केवल स्वाद में उत्कृष्ट होती है, बल्कि इसके पोषण मूल्य भी उच्च होते हैं। दही में प्रोटीन, कैल्शियम, और विटामिन B12 होते हैं, जबकि बेसन में फाइबर और प्रोटीन भरपूर होते हैं।

राजस्थानी कढ़ी के लिए सामग्री

  • 1 कप खट्टा दही
  • 3 बड़े चम्मच बेसन
  • 4 कप पानी
  • 1-2 हरी मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच हल्दी
  • 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर
  • नमक स्वादानुसार

तड़के के लिए: 1-2 बड़े चम्मच तेल या घी, आधा छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच राई, एक चुटकी हींग, 1-2 सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता और थोड़ा सा मेथी दाना।

ऐसे तैयार करें राजस्थानी कढ़ी

राजस्थानी कढ़ी बनाने की प्रक्रिया बहुत सरल है। सबसे पहले, एक बड़े बर्तन में दही और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें। इसके बाद, धीरे-धीरे पानी डालते हुए मिश्रण को चलाते रहें ताकि बेसन की गांठें न बनें। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें।

एक कड़ाही या गहरे बर्तन में थोड़ा तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा, राई, मेथी दाना और हींग डालें। जब तड़का चटकने लगे, तो सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डाल दें। चाहें तो बारीक कटी हरी मिर्च भी डाल सकते हैं, जो इसे और अधिक तीखा बना देगी।

अब तैयार दही-बेसन का घोल तड़के में डालें और लगातार चलाते रहें। शुरुआत में इसे अच्छी तरह चलाना जरूरी है, क्योंकि तेज आंच पर दही फटने या बेसन नीचे लगने की समस्या हो सकती है। कढ़ी में उबाल आने के बाद आंच धीमी कर दें और इसे करीब 20 से 25 मिनट तक पकने दें।

धीमी आंच पर पकाने से आएगा असली स्वाद

कढ़ी को धीमी आंच पर पकाने से बेसन अच्छी तरह पकता है और मसालों का स्वाद भी घुल जाता है। बीच-बीच में कढ़ी को चलाते रहें। अगर कढ़ी बहुत गाढ़ी हो जाए तो थोड़ा गर्म पानी डालकर इसकी कंसिस्टेंसी ठीक की जा सकती है।

आखिर में, ऊपर से थोड़ा ताजा तड़का डाल सकते हैं। इसके लिए घी गर्म करके उसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च और हींग डालें और तुरंत कढ़ी के ऊपर डाल दें। इससे कढ़ी की खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएंगे।

किसके साथ परोसें राजस्थानी कढ़ी?

राजस्थानी कढ़ी को गरमा-गरम चावल के साथ परोसा जा सकता है। इसके अलावा, बाजरे की रोटी, मिस्सी रोटी या सादा पराठा भी इसके साथ अच्छा लगता है। कढ़ी को परोसने से पहले ऊपर से हरा धनिया डालकर सर्व करने से इसका स्वाद और प्रस्तुति दोनों बेहतर हो जाते हैं।

राजस्थानी कढ़ी न केवल एक स्वादिष्ट भोजन है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की समृद्धता को भी दर्शाती है। राजस्थान की खासियत यह है कि यहाँ के लोग अपने भोजन में मसालों का समुचित उपयोग करते हैं, जो न केवल स्वाद में इजाफा करता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।

राजस्थानी कढ़ी का एक और पहलू यह है कि यह विभिन्न अवसरों पर बनाई जाती है, चाहे वह त्योहार हो या कोई पारिवारिक समारोह। इसकी लोकप्रियता का एक कारण यह भी है कि यह जल्दी बनने वाली डिश है, जो घर के सदस्यों और मेहमानों को संतुष्ट करने में मदद करती है।

इस प्रकार, राजस्थानी कढ़ी एक ऐसा व्यंजन है जो न केवल स्वाद में अद्वितीय है, बल्कि इसे बनाना भी आसान है। यह भारतीय भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके माध्यम से हम राजस्थानी संस्कृति और परंपरा को समझ सकते हैं।

राजस्थानी कढ़ी की लोकप्रियता के पीछे एक और कारण यह है कि यह विभिन्न प्रकार की सब्जियों के साथ भी बनाई जा सकती है। कई घरों में कढ़ी में मेथी, पालक, या अन्य मौसमी सब्जियाँ डालकर इसे और भी पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाया जाता है। इस प्रकार, यह एक बहुपरकारी व्यंजन है जो न केवल स्वाद में बल्कि पोषण में भी समृद्ध है।

राजस्थानी कढ़ी के साथ परोसे जाने वाले अन्य व्यंजनों में आमतौर पर चावल या रोटी के साथ दाल और सब्जी भी शामिल होती है। इस प्रकार, यह एक संपूर्ण भोजन का हिस्सा बन जाती है। इसके साथ ही, कढ़ी को ठंडे दही या रायते के साथ भी परोसा जा सकता है, जो इसे और अधिक ताजगी भरा बनाता है।

राजस्थानी कढ़ी का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह सभी उम्र के लोगों द्वारा पसंद की जाती है। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई इस स्वादिष्ट व्यंजन का आनंद लेता है। यह न केवल एक साधारण भोजन है, बल्कि यह पारिवारिक मिलन का भी एक हिस्सा बन जाता है।

इस प्रकार, राजस्थानी कढ़ी न केवल एक स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की गहराई और समृद्धि को भी दर्शाती है। यह एक ऐसा व्यंजन है जो न केवल घर के सदस्यों को एक साथ लाता है, बल्कि विभिन्न अवसरों पर आनंद और खुशी का भी स्रोत बनता है।

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लेखक: (कीर्ति)

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