देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Jul 17, 2026, 05:36 AM IST
5 min read
  • linkedin
  • twitter
  • facebook
  • instagram
  • whatsapp

भारतीय रेलवे ने स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक को अपनाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन करने की तैयारी की है।

भारतीय रेलवे ने स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन करने की तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जींद-सोनीपत के बीच इस हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह उद्घाटन न केवल भारतीय रेलवे के लिए एक तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है। हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन, जो कि स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित है, भारतीय रेलवे के लिए एक नई दिशा को दर्शाता है।

भारतीय रेलवे का यह कदम वैश्विक स्तर पर परिवहन क्षेत्र में बढ़ती पर्यावरणीय चिंताओं के मद्देनजर उठाया गया है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग करने वाली ट्रेनें पारंपरिक डीजल या विद्युत ट्रेनों की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल होती हैं। ये ट्रेनें केवल पानी का उत्सर्जन करती हैं, जिससे वायुमंडल में प्रदूषण का स्तर कम होता है। भारत जैसे विकासशील देश में, जहां रेलवे नेटवर्क का विस्तार और आधुनिकीकरण आवश्यक है, यह तकनीक न केवल आर्थिक बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी लाभकारी है।

हाइड्रोजन ट्रेन की विशेषताएँ

भारतीय रेलवे मंत्रालय के अनुसार, नई हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन और इसके लिए बनाए गए सहायक रीफ्यूलिंग बुनियादी ढांचे का उद्देश्य टिकाऊ और आत्मनिर्भर रेल परिवहन की दिशा में देश के प्रयासों को प्रदर्शित करना है। यह ट्रेन अपनी खुद की बिजली पैदा करती है, जो इसे पारंपरिक इलेक्ट्रिक ट्रेनों से अलग बनाती है।

खासियत

  • सबसे सस्ता किराया: इस ट्रेन में यात्रा करने के लिए सबसे सस्ता किराया केवल 5 रुपये रखा गया है। जींद से सोनीपत के बीच 89 किमी की यात्रा का किराया 25 रुपये होगा, जो कि रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
  • लागत: इस ट्रेन को बनाने में कुल 82 करोड़ रुपये की लागत आई है, जो कि इसे विश्व में सबसे कम लागत वाली हाइड्रोजन ट्रेन बनाती है।
  • सबसे लंबी: यह ट्रेन 10 कोच वाली है, जिसमें दो पावर कार (इंजन) और आठ यात्री कोच शामिल हैं। यह ब्रॉड गेज पर चलने वाली दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है।
  • इंजन: ट्रेन में 1200 केवी की क्षमता का शक्तिशाली इंजन है। इसमें हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्शन सिस्टम और गैस की निरंतर निगरानी जैसी उन्नत सुरक्षा तकनीकें शामिल हैं। आपात स्थिति में हाइड्रोजन की आपूर्ति अपने आप बंद हो जाएगी, जो कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है।
  • क्षमता: यह ट्रेन 120 किमी प्रति घंटा की गति से दौड़ने में सक्षम है। फिलहाल, इसे 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा, जिससे जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर का सफर केवल दो घंटे में पूरा होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस ट्रेन की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन हरियाणा से परिचालन के लिए तैयार है। इन तस्वीरों में ट्रेन का आधुनिक डिजाइन और अत्याधुनिक तकनीक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ट्रेन भारतीय रेलवे की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन भारत को उन देशों की सूची में शामिल करेगा जहां हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित होती हैं। वर्तमान में, दुनिया में कुछ ही देश हैं जो हाइड्रोजन ट्रेन का उपयोग कर रहे हैं, जैसे कि जर्मनी, जहां हाइड्रोजन ट्रेनें सफलतापूर्वक चल रही हैं। भारतीय रेलवे ने इस तकनीक का परीक्षण उन रूटों के लिए किया है जहां बिजली के तार बिछाना बहुत मुश्किल और महंगा साबित होता है।

इस ट्रेन में 10 कोच होंगे और यह ब्रॉड गेज पर चलने वाली दुनिया की पहली सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन होगी। इसमें 2400 किलोवाट का दमदार इंजन होगा। यह तस्वीर ट्रेन के ड्राइविंग पावर कार (DPC) को दिखा रही है। ट्रेन में ऐसी दो पावर कार हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 1200 किलोवाट है।

हाइड्रोजन ट्रेन के परिचालन से न केवल यात्रियों को बेहतर और सस्ती यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि यह भारत के रेलवे नेटवर्क को भी आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम भारतीय रेलवे के लिए एक नई दिशा खोलता है, जहां भविष्य में और भी हाइड्रोजन संचालित ट्रेनें चलाने की संभावना है।

इस नई तकनीक के कार्यान्वयन के साथ, भारत न केवल अपने रेलवे नेटवर्क को मजबूत करेगा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग में एक उदाहरण प्रस्तुत करेगा। हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन भारत के लिए एक नई शुरुआत है, जो न केवल आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

हाइड्रोजन के उपयोग की दिशा में यह कदम भारत के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों के साथ भी मेल खाता है। हाइड्रोजन एक ऐसा ईंधन है जो न केवल स्वच्छ है, बल्कि इसकी उत्पत्ति विभिन्न स्रोतों से की जा सकती है, जैसे कि पानी, जैविक सामग्री, और अन्य नवीकरणीय स्रोत। इससे भारत को ऊर्जा के विविधीकरण में मदद मिलेगी और इसे वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक प्रतिस्पर्धी बनायेगा।

इसके अलावा, हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन भारतीय रेलवे के लिए एक प्रौद्योगिकी परिवर्तन का संकेत है। यह न केवल रेलवे के लिए, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकता है, जैसे कि सार्वजनिक परिवहन, माल परिवहन, और औद्योगिक उपयोग। हाइड्रोजन आधारित तकनीक का विकास और उसके अनुप्रयोग से भारत में रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।

अंत में, हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन न केवल भारतीय रेलवे के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह भारत के परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति का संकेत है, जो न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा। भारत की हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन वैश्विक स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश भेजता है कि देश स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन के लिए प्रतिबद्ध है।

Get More Updates

To learn more about the latest developments in Product Innovations, stay updated with our exclusive reports and analyses on AiLensNews.

Related News