कृति सेनन के राखी विज्ञापन पर विवाद: राहुल गांधी का समर्थन

ALN NEWS DESK
एएलएन न्यूज डेस्क
अपडेटेड : Aug 25, 2026, 08:41 PM IST
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कृति सेनन के एक ज्वेलरी विज्ञापन ने सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें उनके कपड़ों और कुत्ते को राखी बांधने पर सवाल उठाए गए हैं। राहुल गांधी ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है।

रक्षाबंधन से पहले एक ज्वेलरी ब्रांड का विज्ञापन सोशल मीडिया पर विवाद की वजह बन गया है।

विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन नज़र आ रही हैं। कुछ लोगों को उनके कपड़े पसंद नहीं आए, तो कुछ को यह बात खटकी कि उन्होंने अपने कुत्ते को राखी बांधी। इस विज्ञापन के जरिए रक्षाबंधन के त्योहार को मनाने का एक नया तरीका पेश किया गया है, लेकिन इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं।

इस बहस में अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत की प्रतिक्रिया से मामले ने तूल पकड़ लिया। उन्होंने विज्ञापन को जानबूझकर असहज करने वाला बताया। कंगना का यह बयान इस बात को दर्शाता है कि वह भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति कितनी संवेदनशील हैं।

दूसरी तरफ़ कृति सेनन ने जवाब दिया है कि "संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं।" यह बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि कृति अपनी व्यक्तिगत पसंद और आज़ादी का समर्थन कर रही हैं।

विज्ञापन में आख़िर है क्या?

क़रीब 35 सेकंड का ये विज्ञापन ज्वेलरी ब्रांड जीवा का है, जो 17 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया पर आया था। इस विज्ञापन में कृति सेनन रक्षाबंधन मनाती दिखती हैं। उन्होंने सफ़ेद रंग का लहंगा और साथ में डीप-नेक ब्रालेट स्टाइल का ब्लाउज़ पहना है। इस प्रकार के कपड़े भारतीय महिलाओं के लिए एक नया फैशन ट्रेंड बनते जा रहे हैं, लेकिन कई लोग इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ मानते हैं।

विज्ञापन में वो अपने भाई को राखी बांधती हैं और अपने पालतू कुत्ते को भी। यह दृश्य कुछ लोगों को अस्वीकार्य लगा, क्योंकि उन्होंने इसे परंपरा के खिलाफ माना। रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जो भाई-बहन के रिश्ते को मनाता है और इस परंपरा में कुत्ते को शामिल करना कुछ लोगों को असामान्य लगा।

आपत्ति किस बात पर

सबसे बड़ी शिकायत कपड़ों को लेकर थी। कई यूज़र्स ने कहा कि त्योहार पर ऐसा पहनावा ठीक नहीं है। एक यूज़र ने लिखा, "एक पवित्र त्योहार का मज़ाक उड़ाने की जानबूझकर कोशिश, अभिनेत्री कृति सेनन भी उतनी ही दोषी हैं।" इस प्रकार की प्रतिक्रियाएँ यह दर्शाती हैं कि कुछ लोग भारतीय त्योहारों के प्रति कितने संवेदनशील हैं और वे किसी भी प्रकार के बदलाव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।

एक और यूज़र ने लिखा, "ऐसे बेवकूफ़ी भरे विज्ञापन विरोध और ध्यान दिलाने के बावजूद बार-बार आते रहते हैं।" यह टिप्पणी इस बात को दर्शाती है कि समाज में कुछ लोग ऐसे विज्ञापनों के प्रति कितने असंतोषित हैं।

कुछ लोगों ने ये भी कहा कि विज्ञापन में तिलक और आरती जैसी चीज़ें नहीं दिखाई गईं। यह एक महत्वपूर्ण पहलू है, क्योंकि रक्षाबंधन जैसे त्योहारों में तिलक और आरती का एक विशेष महत्व होता है।

कुत्ते को राखी बांधने वाले सीन पर भी सवाल उठे। कुछ लोगों ने ब्रांड के बहिष्कार की मांग तक कर दी। इस प्रकार की प्रतिक्रियाएँ यह दिखाती हैं कि कुछ लोग इस विज्ञापन के माध्यम से अपनी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचते हुए महसूस कर रहे हैं।

दूसरा पक्ष भी सामने आया

लेकिन बहुत से लोग कृति सेनन के साथ भी खड़े नज़र आए। राहुल गांधी ने अभिनेत्री कृति सेनन का समर्थन करते हुए इंस्टाग्राम पर उनकी स्टोरी को शेयर किया है। यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिक्रिया है, क्योंकि राहुल गांधी एक प्रमुख राजनीतिक नेता हैं और उनकी राय का समाज पर व्यापक असर होता है।

राहुल गांधी ने कहा है कि "एक महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहाँ जाती है - यह उसकी पसंद है। महिलाओं को उनकी आज़ादी का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल करना बंद करें।" यह बयान महिलाओं के अधिकारों और उनके स्वतंत्रता के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कृति सेनन का समर्थन करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में हैशटैग 'स्मैश द पेट्रियाकी' (पितृसत्ता को तोड़ो) का भी इस्तेमाल किया। यह हैशटैग महिलाओं के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है और यह दर्शाता है कि वे पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण के खिलाफ खड़े होने के लिए तैयार हैं।

एक यूज़र ने लिखा, "क्या हम महिलाओं के कपड़ों पर पहरा देना बंद कर सकते हैं और यह दिखावा छोड़ सकते हैं कि हर बार मामला परंपरा का है?" यह टिप्पणी इस बात को दर्शाती है कि समाज में कुछ लोग महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके व्यक्तिगत विकल्पों का समर्थन कर रहे हैं।

एक और यूज़र ने लिखा, ''समझ नहीं आता कृति के कपड़े नैतिकता का मुद्दा कैसे बन गए, ये एक विज्ञापन है, सबको थोड़ी सांस लेनी चाहिए।'' यह प्रतिक्रिया इस बात को दर्शाती है कि कुछ लोग इस विवाद को अधिक गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और इसे एक साधारण विज्ञापन के रूप में देख रहे हैं।

कंगना रनौत ने क्या कहा

इसी बहस के बीच कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपने लंबे विचार लिखे। उन्होंने न कृति सेनन का नाम लिया, न ब्रांड का, लेकिन इशारा साफ़ था। कंगना का यह बयान इस बात को दर्शाता है कि वे इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।

उन्होंने लिखा, "महिला होने के लिए ये शानदार समय है, हमारी अलमारियां तरह-तरह के कपड़ों से भरी होती हैं, आज की महिलाएं..." इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि कंगना महिलाओं के फैशन और उनके अधिकारों के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखती हैं।

इस विवाद ने यह भी दिखाया है कि भारतीय समाज में परंपरा और आधुनिकता के बीच एक संघर्ष चल रहा है। जहाँ एक ओर कुछ लोग परंपराओं के प्रति संवेदनशील हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग आधुनिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के पक्ष में हैं। यह बहस इस बात का संकेत है कि भारतीय समाज में महिलाओं के अधिकारों और उनके कपड़ों को लेकर विचारधारा में विभाजन है।

इस प्रकार के विवाद केवल एक विज्ञापन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समाज में गहरे मुद्दों को उजागर करते हैं। यह दर्शाता है कि हमें अपनी सोच में लचीलापन लाने की आवश्यकता है और हमें एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करना चाहिए।

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