रामायण के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में रवि दुबे ने लक्ष्मण का किरदार निभाने पर भावुक होकर भगवान श्रीराम का आभार जताया।
पटना, भारत 19 जुल॰ 2026 ALN: रामायण: भारतीय सिनेमा में महाकाव्य रामायण पर आधारित फिल्में हमेशा से दर्शकों का ध्यान खींचती रही हैं। नितेश तिवारी की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने सभी का दिल छू लिया। फिल्म में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे रवि दुबे मंच पर अपनी बात कहते-कहते इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम खुद अपने किरदारों को चुनते हैं और उन्हें निभाने की ताकत भी वही देते हैं। रवि ने यह भी कहा कि इतने बड़े कलाकारों के बीच इस फिल्म का हिस्सा बनना उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है।
रामायण का महाकाव्य भारतीय संस्कृति और धर्म का एक अभिन्न हिस्सा है। यह कथा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय सभ्यता और समाज के मूल्यों का भी प्रतीक है। रामायण में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे किरदारों की कहानियां शामिल हैं, जो न केवल नैतिकता के पाठ पढ़ाती हैं, बल्कि जीवन के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डालती हैं। इस प्रकार की कहानियों का सिनेमा में अनुवाद करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है, जिसे नितेश तिवारी जैसे अनुभवी निर्देशकों द्वारा ही संभव बनाया जा सकता है।
इवेंट में रवि दुबे ने कहा, "श्रीराम चुनते हैं और जब श्रीराम चुनते हैं, तो भाव भी वही देते हैं, साधन भी वही देते हैं, संसाधन भी वही देते हैं और हिम्मत भी वही देते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीराम ने नितेश तिवारी को इस फिल्म के लिए चुना, रणबीर कपूर को श्रीराम और साई पल्लवी को माता सीता के किरदार के लिए चुना। रवि ने कहा कि उन्हें आज भी यकीन नहीं होता कि उन्हें लक्ष्मण जैसा पवित्र किरदार निभाने का मौका मिला है।
रवि दुबे का यह भावुक बयान दर्शाता है कि उन्हें इस भूमिका को निभाने का कितना गर्व है। लक्ष्मण का चरित्र रामायण में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वह न केवल भगवान राम के छोटे भाई हैं, बल्कि उनके प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक भी हैं। इस किरदार को निभाना किसी भी अभिनेता के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होती है, और रवि दुबे ने इस जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से लिया है।
अपनी बात कहते हुए रवि दुबे काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि शायद यह उनके माता-पिता के अच्छे कर्मों का फल है कि उन्हें रामायण जैसी बड़ी फिल्म में लक्ष्मण बनने का मौका मिला। उन्होंने मंच पर मौजूद निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी का हाथ जोड़कर धन्यवाद किया और कहा, "मैं जिंदगी भर आपका ऋणी रहूंगा।" यह कहते हुए उनकी आंखें भी नम हो गईं।
इस प्रकार की भावनाएं केवल एक अभिनेता की व्यक्तिगत यात्रा को ही नहीं दर्शातीं, बल्कि यह भी बताती हैं कि भारतीय सिनेमा में धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को लेकर कितनी गहरी भावना और प्रतिबद्धता है। रवि दुबे का यह अनुभव दर्शकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है, जो यह दर्शाता है कि किस प्रकार एक कलाकार अपने काम के प्रति समर्पित होता है।
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'प्रथम संकल्प' इवेंट में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी, नमित मल्होत्रा, अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, कुनाल कपूर, शोभना, अजींक्य देव, करण जौहर और कई अन्य सितारे मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में फिल्म का ट्रेलर चुनिंदा लोगों को दिखाया गया। वहीं, इसका आधिकारिक ग्लोबल लॉन्च 24 जुलाई को San Diego Comic-Con 2026 में होगा, जहां इसे दुनिया भर के दर्शकों के सामने पेश किया जाएगा।
इस इवेंट में उपस्थित सभी सितारों ने इस फिल्म के प्रति अपने उत्साह को साझा किया। रामायण जैसी कहानियों का सिनेमा में अनुवाद करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, और इस फिल्म में शामिल सभी कलाकारों और निर्माताओं ने इसे एक अद्वितीय अनुभव बनाने के लिए समर्पित किया है।
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निर्देशक नितेश तिवारी की दृष्टि और उनकी कहानी कहने की क्षमता ने इस फिल्म को विशेष बना दिया है। उन्होंने पहले भी 'दंगल' और 'छिछोरे' जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया है, जो न केवल व्यावसायिक दृष्टिकोण से सफल रही हैं, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी एक विशेष स्थान बना चुकी हैं। रामायण के इस नए संस्करण में नितेश तिवारी ने न केवल एक अद्भुत कहानी प्रस्तुत की है, बल्कि उन्होंने इसे आधुनिक दर्शकों के लिए भी प्रासंगिक बनाया है।
फिल्म के ट्रेलर ने दर्शकों के बीच उत्साह और जिज्ञासा का संचार किया है, और इसके संवाद, दृश्य और संगीत ने इसे और भी आकर्षक बना दिया है। रामायण जैसी महाकाव्य कथाओं का पुनरुत्थान भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, और यह दर्शाता है कि भारतीय फिल्म उद्योग अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौट रहा है।
भारतीय सिनेमा में धार्मिक और पौराणिक कथाओं का अनुवाद हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण कार्य रहा है। इस प्रकार की फिल्में न केवल तकनीकी दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होती हैं। भारतीय दर्शकों की अपेक्षाएं और उनकी भावनाएं इस तरह की फिल्मों में बड़ी भूमिका निभाती हैं। इसलिए, जब कोई फिल्म महाकाव्य जैसे रामायण पर आधारित होती है, तो यह आवश्यक हो जाता है कि इसे बड़े ध्यान और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया जाए।
नितेश तिवारी ने अपनी फिल्मों में हमेशा से जीवन के नाजुक पहलुओं को उजागर किया है। 'रामायण' जैसे महाकाव्य को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना, जिसमें आधुनिकता और पारंपरिकता का संतुलन हो, एक कठिन कार्य है। यह दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करता है, बल्कि उन्हें अपने सांस्कृतिक विरासत के बारे में भी सोचने पर मजबूर करता है।
फिल्म की कास्टिंग भी इस फिल्म की सफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रणबीर कपूर और साई पल्लवी जैसे प्रमुख कलाकारों का चयन दर्शाता है कि निर्माताओं ने इस परियोजना के प्रति कितनी गंभीरता से काम किया है। उनकी कास्टिंग न केवल दर्शकों को आकर्षित करेगी, बल्कि यह फिल्म को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में भी मदद करेगी।
इस फिल्म के निर्माण में शामिल सभी लोग इस बात को समझते हैं कि रामायण केवल एक कहानी नहीं है, बल्कि यह एक गहरी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर है। इस फिल्म के माध्यम से, वे इस धरोहर को नई पीढ़ी के सामने पेश करने का प्रयास कर रहे हैं। इस प्रकार की फिल्में दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें अपने इतिहास और संस्कृति से भी जोड़ती हैं।
अंत में, 'रामायण' का यह नया संस्करण न केवल भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, बल्कि यह दर्शकों के लिए भी एक नई यात्रा की शुरुआत हो सकती है। यह फिल्म न केवल एक मनोरंजक अनुभव प्रदान करेगी, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और धर्म के महत्व को भी उजागर करेगी। फिल्म के ट्रेलर ने दर्शकों के दिलों में उत्साह भर दिया है, और अब सभी की नजरें इसके रिलीज पर हैं।
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